भोपाल, 5 मार्च 2026 : भगोरिया उत्सव के दौरान आलीराजपुर में भ्रामक जानकारियों और उसके कारण लोगों को हुई परेशानी के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निर्देश जारी किए हैं कि, सभी जिलों की जनसंपर्क अधिकारी सक्रिय हो जाएं अन्यथा उनको फील्ड से हटा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस बार भगोरिया उत्सव को, राजकीय उत्सव के रूप में मनाया गया था। मुख्यमंत्री स्वयं आलीराजपुर गए थे।
आलीराजपुर में क्या हुआ था
विश्व प्रसिद्ध भगोरिया मेला से पहले सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां इतनी अधिक संख्या में वायरल हो रही थी कि, आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी को ज्ञापन और प्रदर्शन करना पड़ा। जनसंपर्क विभाग अपना काम नहीं कर रहा था तो कोर कमेटी ने निवेदन किया कि पुलिस को इस काम पर लगाया जाए। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2016-17 में मध्य प्रदेश शासन की अनुसंधान संस्था द्वारा किए गए अध्ययन में यह स्पष्ट हो चुका है कि भगोरिया हाट शादियों या प्रेम का उत्सव नहीं है। शासन ने भी पाठ्य-पुस्तकों और नेट से गलत जानकारियां हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, कई यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स जानबूझकर मनगढ़ंत और कुतर्क वाली जानकारी फैला रहे हैं, जिससे संपूर्ण आदिवासी समुदाय खुद को अपमानित महसूस करता है।
राजकीय उत्सव के बारे में भ्रामक जानकारी का पता लगाना और स्थिति को स्पष्ट करना, मध्य प्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग का काम है लेकिन आलीराजपुर में यह काम नहीं किया गया। नतीजा पूरा आयोजन भ्रम का शिकार हो गया। पारंपरिक लोगों के अलावा, पर्यटकों की भारी भीड़ नहीं पहुंच पाई। जबकि मुख्यमंत्री स्वयं मेला का प्रमोशन करने गए थे लेकिन उनका कार्यक्रम भी आदिवासी वोट के लिए एक पॉलिटिकल इवेंट बनकर रह गया।
जनसंपर्क अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी काम नहीं करेगा। उसको फील्ड से हटा दिया जाएगा।

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