बड़ी खबर: दिग्विजय सिंह ने बता दिया राज्यसभा के बाद क्या बनेंगे, सुपुत्र जयवर्धन के लिए मार्मिक मैसेज भी है

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 4 अप्रैल 2026
: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने आज स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्या बनेंगे और क्या करेंगे। मध्य प्रदेश में अब से पहले तक के जितने भी पूर्व मुख्यमंत्री रहे, उनमें से ज्यादातर रिटायरमेंट के बाद कथित समाजसेवी हो गए, ताकि सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता रहे। अर्जुन सिंह जीवन के अंतिम क्षण तक राजनीति के केंद्र में रहे और अब दिग्विजय सिंह कुछ नया करने जा रहे हैं। 

दिग्विजय सिंह ने बताया, राज्यसभा के बाद Statesman बनेंगे

अभी 10 मिनट पहले X पर वेदांता ग्रुप के अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल की एक पुरानी पोस्ट (29 मार्च को प्रकाशित हुई थी) पर रिप्लाई करते हुए श्री दिग्विजय सिंह ने लिखा कि, मैं आपसे पूरी तरह से सहमत हूं। मैं भी अपना जीवन विनम्रता और साहस के साथ जिया और अपने कर्तव्य का पालन भी साहस और दृढ़ विश्वास के साथ किया। मैं कांग्रेस पार्टी में तब शामिल हुआ जब गांधीवादी और नेहरूवादी विचारधारा से पूरी तरह से आश्वस्त हो गया: मैं भी यह संकल्प लिया कि मैं, अपने व्यवहार में, यहां तक की उन लोगों के साथ भी जो मेरा अपमान करते हैं, निष्पक्ष और न्याय संगत रहूंगा। 

अपने 50 वर्षों से अधिक के सार्वजनिक जीवन पर पीछे मुड़कर देखता हूं तो पाता हूं कि मुझे लोगों से यहां तक की अपने राजनीतिक विरोधियों से भी बहुत अधिक प्रेम और स्नेह मिला है। 21 जून 2026 को राज्यसभा में मेरा दूसरा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। अब तक में एक Politician अधिक था, जबकि मेरे अच्छे मित्र श्री जयराम रमेश अक्सर मुझे ठोकते रहते थे; वह चाहते थे कि मैं एक Politician के स्थान पर Statesman बनूँ। अब मैं उनकी यह इच्छा पूरी करूँगा! 

Statesman क्या होता है और Politician vs. Statesman में क्या अंतर है

Politician का मतलब राजनेता होता है जबकि Statesman का मतलब राजमर्मज्ञ होता है। दोनों समाज में और राजनीति के क्षेत्र में ही काम करते हैं लेकिन इन दोनों के लक्ष्य में बड़ा अंतर होता है। इन दोनों के बीच के फर्क को अक्सर इस मशहूर कहावत से समझाया जाता है:
A politician thinks of the next election; a statesman thinks of the next generation.
(एक राजनीतिज्ञ अगले चुनाव के बारे में सोचता है; एक स्टेट्समैन अगली पीढ़ी के बारे में सोचता है।) मैं इसको थोड़ा और सामान्य शब्दों में समझा देता हूं:- 
  • राजनेता का मुख्य लक्ष्य चुनाव जीतना और सत्ता पाना होता है। जबकि राजमर्मज्ञ का लक्ष्य देश का विकास और सामाजिक सुधार होता है। 
  • राजनेता का दृष्टिकोण शॉर्ट टर्म होता है जबकि राजमर्मज्ञ का दृष्टिकोण लॉन्ग टर्म होता है। 
  • राजनेता की छवि किसी विशेष पार्टी या जाति से जुड़ी होती है जबकि राजमर्मज्ञ की छवि एक निष्पक्ष, सम्मानित और दूरदर्शी व्यक्ति की होती है। 

महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला, अटल बिहारी वाजपेयी या विंस्टन चर्चिल जैसे लोगों को Statesman कहा जाता है क्योंकि यह ऐसे नेता हैं जिन्होंने देश के विकास और सामाजिक सुधार के लिए अपनी पार्टी की विचारधारा से मुक्त होकर काम किया। 

कुल मिलाकर श्री दिग्विजय सिंह ने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। लाइफ की Final Innings के लिए अपना गोल सेट कर लिया है। श्री दिग्विजय सिंह ने इसकी जानकारी श्री राहुल गांधी, श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और श्रीमती प्रियंका गांधी को भी दे दी है ताकि किसी भी विषय में पार्टी उनके नाम का विचार ना करें। श्री दिग्विजय सिंह ने अपने इस फैसले की जानकारी अपने उत्तराधिकारी और प्रिय पुत्र जयवर्धन सिंह को भी दी है। ताकि जयवर्धन को समझ में आ जाए, पिता की उंगली पड़कर चलने का समय समाप्त हुआ। अब आगे का रास्ता खुद तय करना होगा। ✒️- उपदेश अवस्थी
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