भोपाल समाचार, 4 अप्रैल 2026: मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कर्मचारी संगठन अजाक्स के विवाद का पटाक्षेप करते हुए चौधरी मुकेश मौर्य को म.प्र.अजाक्स का वैधानिक प्रांताध्यक्ष और श्री विशेष गढ़पाले (IAS) को कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष की मान्यता प्रदान कर दी। इसी के साथ समाज के बुद्धिजीवी वर्ग का अजाक्स के प्रति नजरिया बदल गया है। लोगों का मानना है कि, गढ़पाले अजाक्स को विशेष बना सकते हैं क्योंकि वह परंपरागत से हटकर भलाई पर फोकस करते हैं। नहीं समझ में आया, चलो विस्तार से बताता हूं:-
Ajjaks Can Become a Dignified Community Body Under Vishesh Garhpale
यह तो आप जानते ही हैं कि, श्री विशेष गढ़पाले (Vishesh Garhpale) मध्य प्रदेश कैडर के 2008 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। यह भी जानते होंगे कि उनकी शिक्षा B.E. (Computer Science), LL.B. और IIM इंदौर से PG Diploma in Investment Banking है। अब थोड़ा ध्यान से देखिए, एक ऐसा युवा जिसने कंप्यूटर साइंस, कानून और फाइनेंस, तीनों सब्जेक्ट की पढ़ाई की हो, वह परंपरागत तो नहीं होगा ना। सीधी, कटनी और खंडवा जैसे जिलों में कलेक्टर रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर काम किया। कटनी में भारत निर्माण कोचिंग शुरू की, जिससे 21 सरकारी स्कूल के बच्चे नवोदय विद्यालय में चयनित हुए।
MSME विभाग के डायरेक्टर रहते PM Excellence Award (2021) मिला। यह अवार्ड एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाने के लिए मिला जो भारत में किसी और ने नहीं बनाया था। विशेष गढ़पाले का ट्रैक रिकॉर्ड इसे साबित करता है। वे इनोवेशन, डिसिप्लिन और वेलफेयर का बैलेंस बनाते हुए, रिजल्ट ओरिएंटेड लीडरशिप देते हैं।
इस आधार पर कहा जा सकता है कि यदि श्री विशेष गढ़पाले (IAS) को अजाक्स संगठन में स्वतंत्रता पूर्वक काम करने का मौका मिला तो वह अजाक्स को मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारियों का एक ऐसा संगठन बना देंगे जिस समाज का हर वर्ग सहर्ष स्वीकार करेगा।

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