भोपाल, 18 मार्च 2026: मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली (ACR) को समय-सीमा में लिखे जाने के संबंध में नए विस्तृत निर्देश और समय-सारणी जारी की है। मंत्रालय द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी इस परिपत्र के अनुसार, वर्ष 2025-2026 की गोपनीय चरित्रावली के लिए विभिन्न स्तरों पर मूल्यांकन की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं।
निर्धारित समय-सारणी (वर्ष 2025-2026)
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मूल्यांकन की प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में पूरी की जाएगी:
- 30 अप्रैल: संबंधित शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को फॉर्म उपलब्ध कराए जाने की तिथि।
- 30 जून: स्वयं का मूल्यांकन (Self-Assessment) प्रस्तुत करने की अंतिम अवधि।
- 31 अगस्त: प्रतिवेदक अधिकारी द्वारा गोपनीय प्रतिवेदन में मतांकन।
- 30 सितम्बर: समीक्षक अधिकारी द्वारा प्रतिवेदन में मतांकन।
- 30 नवम्बर: स्वीकारकर्ता अधिकारी द्वारा गोपनीय प्रतिवेदन में मतांकन।
शासन ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसम्बर के बाद दर्ज होने वाले मतांकन को 'समय-बाधित' (Time-barred) माना जाएगा और उस पर 'समय-बाधित' की सील अंकित की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन और पदोन्नति पर असर
यदि कोई कर्मचारी 30 जून तक अपना स्व-मूल्यांकन प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसे समय-बाधित माना जाएगा और प्रतिवेदक अधिकारी बिना स्व-मूल्यांकन के ही गोपनीय प्रतिवेदन लिख सकेंगे। विशेष परिस्थितियों में, यदि 31 दिसम्बर तक किसी भी स्तर पर मतांकन नहीं हो पाता है, तो इसे समय-बाधित मानते हुए संबंधित कर्मचारी की पदोन्नति (Promotion) के समय चयन समिति द्वारा उसके समग्र अभिलेखों और उस वर्ष के स्व-मूल्यांकन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों पर गिरेगी गाज
शासन ने देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जो प्रतिवेदक, समीक्षक या स्वीकारकर्ता अधिकारी समय-सीमा में प्रतिवेदन नहीं लिखेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, इस देरी का उल्लेख संबंधित दोषी अधिकारी की अपनी गोपनीय चरित्रावली में भी किया जाएगा।
कर्मचारियों को मिला अपील का अधिकार
नई व्यवस्था के तहत, गोपनीय प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उसकी प्रमाणित फोटोकॉपी संबंधित शासकीय सेवक को 1 माह के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी। यदि कर्मचारी अपने मतांकन या श्रेणी (Grading) से असहमत है, तो वह उसे प्राप्त होने के 1 माह के भीतर अपना अभ्यावेदन (Appeal) प्रस्तुत कर सकता है। सक्षम अधिकारी को इस अभ्यावेदन का निराकरण प्राप्ति के एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से करना होगा।
यह आदेश मध्य प्रदेश के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए भेज दिया गया है।

.webp)