Rewa, Umaria, Shahdol and Khandwa: Five Officials Suspended
DEO REWA के प्रभारी एपीसी और शासकीय उमावि के प्राचार्य सस्पेंड
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों पर गाज गिराई है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रभारी एपीसी सुधाकर तिवारी और शासकीय उमावि गुढ़ के प्राचार्य विनय मिश्र को निलंबित कर दिया गया है।
यह मामला 43 उत्कृष्ट विद्यालयों के भवनों में सुधार कार्य के लिए आवंटित 50 लाख रुपये के भुगतान से जुड़ा है। शिकायतों के बाद गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने इन्हें प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया। कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक उत्तर न मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में तिवारी का मुख्यालय संयुक्त संचालक कार्यालय रीवा और मिश्र का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रहेगा।
उमरिया: छात्राओं के साथ अनैतिक व्यवहार पर प्राचार्य निलंबित
उमरिया जिले के मानपुर स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के प्रभारी प्राचार्य अमरजीत द्विवेदी को शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
द्विवेदी पर छात्राओं और महिला कर्मचारियों के साथ अनैतिक व्यवहार, शारीरिक शोषण के लिए दबाव बनाने और गलत तरीके से छूने के गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्राचार्य रात्रि में किसी भी समय छात्राओं के कमरों में घुस जाते थे। इन क्रियाकलापों से क्षुब्ध होकर 20 फरवरी 2026 को करीब 200 छात्राओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था। जांच रिपोर्ट में आरोपों के सत्य प्रतीत होने पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है। उनकी जगह अरनोद कुमार शुक्ला को संस्थान का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
शहडोल: ड्यूटी से गायब रहने और फंड के गबन पर वनरक्षक पर कार्रवाई
शहडोल में दक्षिण वन मंडलाधिकारी श्रद्धा पंद्रे ने बीटगार्ड पटासी में पदस्थ वनरक्षक शिवप्रसाद मरकाम को निलंबित कर दिया है। मरकाम 18 सितंबर 2025 से बिना किसी सूचना के ड्यूटी और मुख्यालय से अनुपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, उन पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय सुरक्षा राशि का अनधिकृत रूप से आहरण किया और सुरक्षा श्रमिकों का भुगतान भी नहीं किया। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय वन परिक्षेत्र केशवाही नियत किया गया है।
खंडवा में सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित
खंडवा जिले में भी प्रशासनिक चाबुक चला है। कलेक्टर ने किल्लौद पशु चिकित्सालय के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी प्रतापसिंह भावस्कर को निलंबित कर दिया है। भावस्कर पर राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। निलंबन काल में उनका मुख्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा कार्यालय खंडवा रहेगा।

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