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नवीन निश्चल, आलीराजपुर, भोपाल समाचार: जनता को भ्रामक जानकारी से बचाना और जनता तक सही जानकारी पहुंचाना, मध्य प्रदेश शासन की जनसंपर्क विभाग का काम है परंतु आलीराजपुर में जनसंपर्क विभाग फेल हो गया है। सोशल मीडिया पर भगोरिया पर्व के बारे में सैकड़ो भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं और डिपार्टमेंट की तरफ से स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई है। जब सरकारी अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी को आगे आना पड़ा। उन्होंने ज्ञापन देकर गाइडलाइन लागू करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
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नवीन निश्चल, आलीराजपुर, भोपाल समाचार: जनता को भ्रामक जानकारी से बचाना और जनता तक सही जानकारी पहुंचाना, मध्य प्रदेश शासन की जनसंपर्क विभाग का काम है परंतु आलीराजपुर में जनसंपर्क विभाग फेल हो गया है। सोशल मीडिया पर भगोरिया पर्व के बारे में सैकड़ो भ्रामक वीडियो वायरल हो रहे हैं और डिपार्टमेंट की तरफ से स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई है। जब सरकारी अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी को आगे आना पड़ा। उन्होंने ज्ञापन देकर गाइडलाइन लागू करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
भगोरिया पर्व के बारे में आपत्तिजनक भ्रामक तथ्य
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2016-17 में मध्य प्रदेश शासन की अनुसंधान संस्था द्वारा किए गए अध्ययन में यह स्पष्ट हो चुका है कि भगोरिया हाट शादियों या प्रेम का उत्सव नहीं है। शासन ने भी पाठ्य-पुस्तकों और नेट से गलत जानकारियां हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, कई यूट्यूबर्स और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स जानबूझकर मनगढ़ंत और कुतर्क वाली जानकारी फैला रहे हैं, जिससे संपूर्ण आदिवासी समुदाय खुद को अपमानित महसूस करता है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सूचीबद्ध करने की मांग
जिले में सभी प्रकार की पत्रकारिता से संबंधित व्यक्तियों एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सूचीबद्ध करने का काम जनसंपर्क विभाग का है। उनके समाचारों और वीडियो पर नजर रखना और कलेक्टर को रिपोर्ट करने का काम भी जनसंपर्क विभाग का है। परंतु आलीराजपुर में जनसंपर्क विभाग अपना काम नहीं करता। नतीजा समाज में तनाव की स्थिति बन रही है।
आदिवासी समाज जिला कोर कमेटी ने मांग की है कि, भगोरिया हाट के दौरान तैनात ऐसे युवक-युवतियों को चिन्हित करे जो वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटो ले रहे हैं। उनका नाम, यूट्यूब चैनल और मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किया जाए। यह सूची समाज के संगठनों को भी उपलब्ध कराई जाए ताकि गलत जानकारी प्रसारित करने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही यूट्यूब होस्ट को भी निर्देशित करने की मांग की गई है कि वे समुदाय की गरिमा को ठेस न पहुँचाएं।
यहां उल्लेख कर दें कि, शासन की ओर से इस प्रकार के निर्देश 2 साल पहले ही जारी हो चुके हैं लेकिन आलीराजपुर के जनसंपर्क विभाग द्वारा पालन नहीं किया गया। नतीजा पता ही नहीं चलता कब कौन कैसा वीडियो अपलोड कर देता है। सोशल मीडिया पर पत्रकारिता करने वालों तक शासन का पक्ष ही नहीं पहुंचता।
शराब बिक्री और राजनीतिक झंडों पर प्रतिबंध की मांग
समाज ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि भगोरिया हाट स्थल से 1 किलोमीटर की परिधि में विदेशी शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके अलावा, सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने के लिए हाट में राजनीतिक पार्टियों के झंडे और प्रचार सामग्री पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।
इस अवसर पर आदिवासी समाज आयोजन समिति के अध्यक्ष बहादुरसिंह रावत, रतनसिंह रावत, भंगुसिंह तोमर, नितेश अलावा सहित कोर कमेटी के कई सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
