भोपाल समाचार, 8 फरवरी 2026: यह न्यूज़ विज्ञान के विद्यार्थियों से लेकर भगवान की भक्ति में लीन रहने वाले श्रद्धालुओं तक सबके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अंतरिक्ष में एक ऐसी दुर्लभ घटना, एक ऐसी दुर्लभ स्थिति बनने जा रही है, जिनके हजारों लाखों वर्ष निकाले जाएंगे। विज्ञान की भाषा में इस प्लेनेट परेड कहा जा रहा है।
आसमान में एक साथ 6 ग्रह परेड करते हुए दिखाई देंगे
आज हम बात कर रहे हैं अंतरिक्ष में होने वाली एक दुर्लभ और रोमांचक घटना की। खगोलविदों, आकाश प्रेमियों और ज्योतिष में मान्यता रखने वालों के लिए 28 फरवरी, 2026 की शाम बेहद खास होने वाली है, क्योंकि इस दिन हमारे सौर मंडल के छह ग्रह, बुध (Mercury), शुक्र (Venus), शनि (Saturn), नेपच्यून (Neptune), यूरेनस (Uranus) और बृहस्पति (Jupiter), आकाश में एक साथ दिखाई देंगे। ब्रह्मांड में इस तरह की स्थिति को दुर्लभ संयोग माना जाता है और भारतीय ज्योतिष के अनुसार इस तरह के योग विशेष फलदाई होते हैं।
कहाँ और कैसे देखें यह प्लैनेट परेड
विशेषज्ञों के अनुसार, इस दृश्य को देखने का सबसे अच्छा समय सूर्यास्त के ठीक आधा घंटे बाद होगा। ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार होगी:
• पश्चिम दिशा में सूर्यास्त के तुरंत बाद आपको क्षितिज (horizon) के पास शुक्र सबसे चमकता हुआ दिखाई देगा। शुक्र के ठीक ऊपर बुध और थोड़ा और ऊपर शनि मौजूद होंगे। हालांकि, ये ग्रह सूरज की चमक के बहुत करीब होंगे, इसलिए इन्हें देखना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
• पूर्व दिशा में सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह, बृहस्पति, पूर्व में काफी ऊंचाई पर बहुत स्पष्ट और चमकता हुआ दिखाई देगा। यह इस परेड का सबसे आसानी से दिखने वाला हिस्सा होगा।
• यूरेनस को देखने के लिए आपको दूरबीन (binoculars) की जरूरत होगी, जो बृहस्पति और शनि के बीच, 'प्लेयड्स' (Pleiades) स्टार क्लस्टर के नीचे स्थित होगा। वहीं नेपच्यून को देखने के लिए एक छोटे टेलीस्कोप की आवश्यकता होगी, क्योंकि यह शनि के काफी करीब होगा। बाकी के सभी ग्रह आप अपनी छत पर खड़े होकर अपनी आंखों से देख सकते हैं।
चुनौतियां और सावधानी
हालांकि इसे "प्लैनेट परेड" कहा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे देखना इतना आसान नहीं होगा।
1. चार ग्रह (बुध, शुक्र, शनि और नेपच्यून) सूरज के बहुत करीब होंगे और गोधूलि बेला (twilight) की चमक में केवल कुछ ही समय के लिए दिखाई देंगे।
2. विशेषज्ञों ने सख्त चेतावनी दी है कि सूरज के पूरी तरह डूबने से पहले टेलीस्कोप या दूरबीन का उपयोग न करें, क्योंकि इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
3. इस अद्भुत दृश्य का आनंद लेने के लिए आपको एक ऐसी जगह चुननी होगी जहाँ से पश्चिमी क्षितिज (western horizon) पूरी तरह साफ और खुला हो।
यह घटना क्यों है खास?
ग्रह हमेशा एक ही खगोलीय पथ पर चलते हैं जिसे 'क्रांतिवृत्त' (ecliptic) कहा जाता है। जब कई ग्रह आकाश के एक ही हिस्से में एक साथ आते हैं, तो इसे 'प्लैनेट परेड' कहा जाता है। फरवरी 2025 में भी सात ग्रहों की ऐसी ही एक परेड देखी गई थी, लेकिन 2026 की इस परेड में मंगल (Mars) शामिल नहीं है।
तो तैयार हो जाइए अपने दूरबीन और टेलीस्कोप के साथ! यदि मौसम साफ रहा और आसमान में बादल नहीं हुए, तो 28 फरवरी की शाम आपके लिए एक यादगार खगोलीय अनुभव साबित हो सकती है। मैं आपके लिए इस तरह की और भी रोचक खबरें लाता रहूँगा। कृपया सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से जुड़े रहिए।

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