भोपाल समाचार, 28 फरवरी 2026 : भोपाल के लोकप्रिय शासकीय नूतन सुभाष उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय को स्मार्ट सिटी खा गई। अब यह स्कूल कब अपने भव्य स्वरूप में दिखाई देगा, कहां नहीं जा सकता है क्योंकि सरकार ने स्कूल के लिए प्लॉट था आवंटित कर दिया लेकिन प्रस्तुत हुए बजट में, बिल्डिंग के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं किया है। वैसे भी स्कूल बनने से वोट नहीं मिलते और यह किसी जाति विशेष का विषय भी नहीं है। बस इतना सा है कि, तमाम प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ देने वाला सरकारी स्कूल अब अपने अस्तित्व में नहीं है।
Nutan Subhash School in Bhopal Hit by Smart City Project, Plot Allotted but No Building Funds
विधानसभा में 27 फरवरी को विधायक सबनानी ने अपने प्रश्न में छात्रों की असुविधा और स्कूल के अस्तित्व को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि:-
क्या स्माटॅ सिटी परियोजना लागू होने के बाद यह स्कूल "पूर्ण रूप से इस परियोजना की चपेट में आ गया है"?
क्या छात्रों को वर्तमान में सरदार वल्लभ भाई पटेल विद्यालय, पंचशील नगर में बिठाया जा रहा है?
क्या स्कूल के लिए अन्यत्र भूमि आवंटित की गई है और यदि हाँ, तो उसकी जानकारी क्या है?
उन्होंने "विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए" प्रश्न किया कि नए भवन निर्माण के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई है और कौन सी एजेंसी यह कार्य पूर्ण करेगी?
सरकार का उत्तर
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने लिखित उत्तर में वस्तुस्थिति स्पष्ट की:
सरकार ने स्वीकार किया कि स्कूल का भवन स्माटॅ सिटी एबीडी (ABD) परियोजना से प्रभावित हुआ था।
पहले चरण में, भोपाल स्मार्ट सिटी द्वारा कमला नेहरू स्कूल परिसर में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से 'प्रीफेब स्ट्रक्चर' आधारित भवन बनाया गया था, जिसे 2 जून 2020 को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया था।
वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस विद्यालय को शासकीय सरदार पटेल हाईस्कूल, पंचशील नगर में स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया है।
नए भवन के लिए टी.टी. नगर भोपाल में महाराष्ट्र भवन के सामने 'कन्नड़ भवन' की रिक्त भूमि स्कूल शिक्षा विभाग को आवंटित कर दी गई है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि "नवीन भवन निर्माण हेतु अद्यतन स्थिति में कोई राशि शासन स्तर से स्वीकृत नहीं की गयी है।"
कुल मिलाकर स्थिति यह है कि, भोपाल की शान समझा जाने वाला नूतन सुभाष स्कूल अब अपने वैभवशाली अस्तित्व में नहीं है। सरकार ने इस स्कूल के लिए प्लॉट आवंटित कर दिया है लेकिन बिल्डिंग बनाने के लिए पैसा नहीं दिया है। विभागीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस साल कोई प्रावधान भी नहीं है।

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