ग्वालियर, 7 फरवरी 2026: मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ग्वालियर के जिलाध्यक्ष सुरेश चन्द्र रावत द्वारा बताया गया कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद भी ग्वालियर जिले में शिक्षकों को प्रतिमाह वेतन समय से नहीं दिया जा रहा है। अधिकांश शिक्षकों पर बैंकों के लोन चल रहे हैं, जिसके कारण उनकी ईएमआई बाधित हो रही है। उन पर प्रतिमाह 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक का बाउंस चार्ज वसूला जा रहा है तथा बाबुओं एवं अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें डिफॉल्टर किया जा रहा है।
प्रतिमाह बाबुओं का वेतन एवं अधिकारियों का वेतन समय से माह की 10 तारीख तक निकाला जाता है।जानबूझकर शिक्षकों को मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। नियमित रूप से स्कूल जाने वाले शिक्षकों की घाटीगांव ब्लॉक में ई-अटेंडेंस के नाम से नवंबर माह का काटा गया वेतन भी नहीं जारी किया गया है, जबकि ये शिक्षक अब ई-अटेंडेंस भी नियमित रूप से लगा रहे हैं। प्रदेश में कहीं भी अब नवंबर माह में आधी-अधूरी ई-अटेंडेंस लगाने वाले शिक्षकों का वेतन शेष नहीं है।
इस संबंध में संगठन द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी ग्वालियर को पिछले माह पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अधिकारी मौन हैं। कोई भी अधिकारी बाबुओं की मनमानी रोकने एवं उन पर कार्यवाही करने से क्यों डर रहे हैं? यह चिंता का विषय है। बाबू सिर्फ उसी काम में लगे रहते हैं जिससे उन्हें नाम मिल रहा है।
मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ग्वालियर द्वारा शिक्षक हितार्थ चेतावनी दी जाती है कि यदि प्रतिमाह शासन के निर्देशानुसार माह की 10 तारीख तक भुगतान नहीं किया जाता है तो संगठन कठोर निर्णय लेने हेतु बाध्य होगा। जिसके लिए वेतन आहरण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। समय से वेतन भुगतान की मांग करने वाले शिक्षकों में ग्वालियर संभागाध्यक्ष श्रीमती तुलसी रावत, जितेन्द्र सिंह सिकरवार, हेमंत सिंह जाट, प्रदीप राठौर, शिवराज प्रजापति, मालवेन्द्र कौरव, रामवीर सिंह गुर्जर, संतोष दोहरे, लक्ष्मी सिसौदिया, हाकिम धाकड़, मुकेश सिन्हा, सुनीता यादव, कुलदीप सौभर आदि शिक्षक शामिल हैं।

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