नई दिल्ली, 5 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई नहीं हो सकी। इस प्रकरण की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद आज कोई बहस नहीं हुई।
कमलनाथ सरकार की वोट बैंक पॉलिसी के कारण विवाद
सूत्रों के अनुसार, ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी प्रकरण अब अगले हफ्ते 11 फरवरी 2026 को फाइनल बहस के लिए पुनः सूचीबद्ध किए जाएंगे। न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिंहा और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की खंडपीठ के समक्ष यह मामला लंबे समय से विचाराधीन है। पिछली सुनवाई में सरकारी वकीलों की अनुपस्थिति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगे थे, जिसके बाद ओबीसी पक्ष के अधिवक्ताओं ने कोर्ट से मामले को आगे बढ़ाने की मांग की थी। मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विधेयक पारित किया था, लेकिन यह कुल आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण चुनौती का सामना कर रहा है।
यह मामला राज्य में नौकरियों और शिक्षा में ओबीसी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है और इसका फैसला लाखों लोगों के भविष्य पर असर डालेगा। अब सभी की निगाहें 11 फरवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां अंतिम तर्क पेश किए जाने की उम्मीद है।

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