भोपाल समाचार, 18 फरवरी 2026 : मध्य प्रदेश सरकार ने आज विधानसभा में बजट प्रस्तुत कर दिया है। सभी लोग इस बजट की अपने स्तर पर समीक्षा कर रहे हैं। इस बजट से मध्य प्रदेश के मानचित्र पर क्या असर पड़ेगा, इसकी बात बाद में करेंगे लेकिन लोग जानना चाहते हैं कि वर्ग वार किसको कितना फायदा हुआ है। तो इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि बजट 2026 में मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के लिए क्या प्रावधान किया है।
बजट 2026-27 के अनुमानों के अनुसार, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के लिए ₹2,591 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित अनुमान (₹2,584 करोड़) की तुलना में अधिक है।
• आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र के प्रावधानों के अंतर्गत, कुल आवंटन का 17% हिस्सा अनुसूचित जाति सब-स्कीम के लिए निर्धारित किया गया है।
• बजट का एक प्रमुख फोकस 'गरीब कल्याण' है, जिसके तहत 'अन्त्योदय' (अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान) की अवधारणा को साकार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उत्थान में सहायक होगा।
अनुसूचित जाति सब-स्कीम की मुख्य योजनाएं क्या हैं?
• बजट में आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र के कुल प्रावधानों का 17% हिस्सा अनुसूचित जाति सब-स्कीम के लिए आवंटित किया गया है। अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के लिए वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान में ₹2,591 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र के अंतर्गत, इस वर्ग के किसानों को सशक्त बनाने के लिए निःशुल्क बिजली जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
SC वर्ग के किसानों के लिए बिजली सब्सिडी का क्या प्रावधान है?
बजट में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के उन किसानों के लिए विशेष प्रावधान है जिनके पास 1 हेक्टेयर तक की भूमि है। ऐसे किसानों को 5 हार्स पॉवर (HP) तक का विद्युत पंप इस्तेमाल करने पर निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस उद्देश्य के लिए बजट में ₹5,276 करोड़ का बड़ा प्रावधान किया गया है।
गरीब कल्याण के अंतर्गत अन्त्योदय का लक्ष्य कैसे प्राप्त होगा?
बजट में 'अन्त्योदय' (अंतिम पंक्ति के व्यक्ति का उत्थान) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया गया है:
• मल्टीडायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स (MPI) बजटिंग: राज्य ने 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' पर आधारित बजट व्यवस्था शुरू की है। इसमें केवल आय को ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, और स्वच्छता जैसे मानकों को भी शामिल किया गया है।
• परणाम-आधारित प्रबंधन: पारंपरिक कल्याणकारी योजनाओं से आगे बढ़कर अब परणाम-आधारित वित्तीय प्रबंधन (Outcome-based financial management) पर जोर दिया जा रहा है।
• समान अवसर: इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े व्यक्ति तक आवश्यक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना और प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और समृद्धि प्रदान करना है।
• सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह दृष्टिकोण विशेष रूप से सतत विकास लक्ष्य (SDG 1.2) के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है कि, यह बजट "समृद्ध मध्य प्रदेश @2047" के विजन की दिशा में एक कदम है, जिसमें प्रत्येक नागरिक (विशेषकर वंचित वर्गों) को समान अवसर और समृद्धि सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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