इंदौर, 5 फरवरी 2026: एक सरकारी कॉलेज में मेडिकल सीट पाना कितना मुश्किल होता है, यह केवल वही जानते हैं जो इस संघर्ष का सामना कर रहे होते हैं। ग्वालियर का अंतरिक्ष अग्रवाल सफल हो गया था लेकिन प्रताड़ना सहन नहीं कर पाया। पिता ने बताया कि उसकी हालत यह कर दी गई थी कि, हॉस्टल में उसको दरवाजा बंद करके सोने तक नहीं देते थे।
MBBS स्टूडेंट अंतरिक्ष अग्रवाल ने सुसाइड क्यों किया
यह मामला इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में MBBS फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट अंतरिक्ष अग्रवाल द्वारा की गई आत्महत्या का है। एक हंसता खेलता लड़का, और वह भी ऐसा जो जीवन में सफल हो रहा है, जब चला जाता है तो उसका दुख कोई महसूस नहीं कर सकता। ग्वालियर केसरी पंकज अग्रवाल बताते हैं कि उनके बेटे अंतरिक्ष अग्रवाल को जब MGM INDORE कॉलेज में मेडिकल सीट मिली तो घर में उत्सव जैसा माहौल था। कॉलेज में उसको डॉक्टर बीआर अंबेडकर हॉस्टल में रहने के लिए रूम मिला था। एडमिशन के बाद से ही वह रैगिंग व बुलिंग का सामना कर रहा था।
टेबल कुर्सी पर बैठने नहीं देते थे, परेशान करते थे, मजाक उड़ाते थे
इस बारे में अंतरिक्ष में घर वालों को भी बताया था कि सीनियर छात्र उसे परेशान करते थे और मजाक उड़ाते थे। हॉस्टल में सीनियर छात्रों का रवैया अपमानजनक था। मेस में सीनियर छात्रों की मौजूदगी पर फर्स्ट ईयर के छात्रों को खाना खड़े होकर खाना पड़ता था। कुर्सी-टेबल पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती थी। दिन में यूनिफॉर्म बदलने और रात में कमरे का दरवाजा बंद कर सोने की अनुमति नहीं थी। कॉलेज में एडमिशन के बाद से लेकर इस घटना के बीच अंतरिक्ष दो बार अपने घर गया। दोनों बार रो पड़ा। एक बार उसने हॉस्टल से फोन कर प्रताड़ना की शिकायत भी की थी। 31 जनवरी को उसने नया फोन मांगा, 1 फरवरी को दोस्तों को पार्टी के लिए पैसे मांगे और 2 फरवरी की सुबह मेस की फीस जमा करने के लिए पैसे मांगे। उसके बाद यह घटना हो गई।
कॉलेज में सब कुछ सामान्य है क्योंकि वह अग्रवाल था
कॉलेज में सब कुछ सामान्य है। अभी तक किसी से कोई पूछताछ नहीं की गई है और जांच का कोई एंगल सेट नहीं हुआ है। डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बड़ा ही औपचारिक बयान दिया है। कहा है कि अंतरिक्ष ने कोई शिकायत नहीं की थी लेकिन फिर भी हमने जांच के लिए दो समितियां बनाई हैं, जिनमें एंटी-रैगिंग कमेटी भी शामिल है। एसीपी तुषार सिंह कहते हैं कि, पोस्टमॉर्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार उसके बाद जांच आगे बढ़ेगी। अभी तक किसी ने छात्रों के बयान दर्ज नहीं किए। अंतरिक्ष अग्रवाल के दोनों फोन पुलिस के पास है लेकिन अब तक कोई डाटा एनालिसिस नहीं किया गया।
सब कुछ इसलिए हो रहा है क्योंकि इस तरह के मामलों की जांच के लिए जो कानून बने हैं, वह यह मानकर के चलते हैं कि अंतरिक्ष अग्रवाल को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। वह तो सदियों से दूसरों को प्रताड़ित करता रहा है।

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