इंदौर, 13 फरवरी 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नव भारत गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, इंदौर में हुई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 64.16 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है।
श्रीकांत घाटे और सुभाष दुबे के प्लॉट और मकान कर्क
यह कार्रवाई 12 फरवरी 2026 को श्रीकांत घाटे और अन्य के विरुद्ध की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में प्लॉट और आवासीय भवन शामिल हैं, जो श्रीकांत घाटे और सुभाष दुबे के नाम पर पंजीकृत हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने यह जांच इंदौर के एमजी रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों पर आईपीसी की धारा 409, 420 और 120B के तहत मामले दर्ज हैं। जांच में एक सुनियोजित घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें सोसाइटी के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के सदस्यों ने मिलकर अपने ही सदस्यों के साथ विश्वासघात किया।
कैसे दिया गया घोटाले को अंजाम?
सोसाइटी के फंड से खरीदी गई जमीन को संस्था के पदाधिकारियों ने अवैध रूप से अन्य संस्थाओं को बेच दिया। जमीन बेचकर मिली राशि का गबन किया गया और इस "अपराध की कमाई" (Proceeds of Crime) को छिपाने के लिए बिक्री से संबंधित कच्चे रिकॉर्ड और दस्तावेजों को नष्ट कर दिया गया। अवैध रूप से जुटाए गए इस धन को विभिन्न स्तरों पर घुमाया गया (Layering) और अंततः इसका उपयोग व्यक्तिगत अचल संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया।
आगे की कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और आने वाले समय में कुछ अन्य संपत्तियों और व्यक्तियों पर भी गाज गिर सकती है। इस कार्रवाई से उन निवेशकों में न्याय की उम्मीद जगी है, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इस हाउसिंग सोसाइटी में लगाई थी।

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