भोपाल समाचार, 21 फरवरी 2026: विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष श्री हेमंत कटारे शुक्रवार को सदन के अंदर काफी सक्रिय थे। उन्होंने कांग्रेस के स्थान प्रस्ताव के समर्थन में पॉइंट ऑफ़ वाटर और नियमों की व्याख्या को लेकर काफी सक्रिय भूमिका निभाई लेकिन फिर अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा का कारण वह तो नहीं है जो लिखा है, इसलिए लोग जानना चाहते हैं कि विधानसभा में ऐसा क्या हो गया, जो सत्र के तत्काल बाद कटारे ने इस्तीफा दे दिया।
हेमंत कटारे के परिवार में क्या प्रॉब्लम है?
अटेर विधानसभा से विधायक हेमंत कटारे ने अपने इस्तीफा में लिखा है कि वह अपने परिवार और विधानसभा क्षेत्र को समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे रहे हैं। पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। जब हमने उनके परिजनों से बातचीत की तो पता चला कि परिवार में कोई प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि पार्टी में प्रॉब्लम है।
- श्री हेमंत कटारे के क्षेत्र में जातिवाद की राजनीति होती है। श्री कटारे ब्राह्मण समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और विरोधी पक्ष को दिग्विजय सिंह की तरफ से संरक्षण दिया जा रहा है।
- फूल सिंह बरैया उनके क्षेत्र के लोगों से नियमित रूप से संपर्क बना रहे हैं। वह चाहते हैं कि कॉलेज चंबल में, कांग्रेस पार्टी किसी को भी टिकट दे लेकिन ब्राह्मण नहीं होना चाहिए।
- विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष "उमंग सिंघार" स्वयं को भारत का सबसे अच्छा नेता प्रतिपक्ष मानकर चल रहे हैं और उनकी डोमिनेटिंग नेचर ने सिर्फ हेमंत कटारी ही नहीं बल्कि कांग्रेस के कई विधायकों को हर्ट किया है। कल इस स्थानप्रस्ताव के दौरान वरिष्ठ मंत्री श्री कैलाश विजय वर्गीय के साथ, जिस प्रकार से झगड़ा किया गया, स्पष्ट समझा जा सकता है कि वह अपनी पार्टी के विधायकों के साथ क्या करते होंगे।
उमंग सिंघार, नहीं चाहते कि सदन में कोई उप नेता प्रतिपक्ष हो और यदि हो तो वह उनसे ज्यादा एक्टिव हो जाए। श्री हेमंत कटारे को लगातार पक्षपात और भेदभाव का शिकार बनाया जा रहा था। सदन में पार्टी उनका समर्थन नहीं करती थी। विधायक दल की बैठक में भी उनको आम विधायकों के साथ दूर बिठा दिया गया था। शायद श्री हेमंत कटारे अपने आत्म सम्मान से समझौता नहीं कर पाए और उसे बचाने के लिए इस्तीफा दे दिया।

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