भोपाल समाचार, 7 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार के दागी मंत्री विजय शाह, अपने क्षेत्र में भले ही कितने बड़े कुंवर क्यों ना हो, भोपाल में उनकी हालत देखने लायक थी। जब भाजपा कार्यालय से बाहर निकले तो राजधानी के पत्रकार अपने कैमरों के साथ उनका इंतजार कर रहे थे। मीडिया को देखते ही भाजपा कार्यालय से बाहर निकले मंत्री विजय शाह मुंह छुपाकर अपनी गाड़ी की तरफ आगे बढ़े और निकल गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याएं सॉल्व करने आए थे
कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शुक्रवार को भोपाल स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उनका ये कार्यक्रम पहले से तय था। बीजेपी दफ्तर से बाहर निकलते ही जैसे ही मीडिया ने सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई और अभियोजन स्वीकृति को लेकर सवाल पूछे, मंत्री विजय शाह कोई जवाब दिए बिना कैमरों से बचते हुए सीधे कार में बैठकर रवाना हो गए।बदज़ुबान मंत्री विजय शाह :
— MP Congress (@INCMP) February 6, 2026
मीडिया से भाग सकते हैं, कानून से नहीं! pic.twitter.com/EMJWOain6m
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को 15 दिन का टाइम दिया था
मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्यप्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। सरकारी और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और समय मांग सकती है। तर्क यह दिया जाएगा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और विस्तृत परीक्षण जरूरी है। यही रुख शुरुआत से मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का भी रहा है।
विजय शाह को बचाने के लिए सरकार कितना कुछ कर रही है
सूत्रों के अनुसार, इस मसले पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अटार्नी जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से भी सलाह ली गई है। लंबी चर्चा के बाद यह संकेत मिले हैं कि सरकार 9 फरवरी की सुनवाई में समय विस्तार की मांग कर सकती है, जिससे सुनवाई आगे बढ़ने की संभावना है।
मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी मंशा से जुड़ी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली भेज दी है। इस संबंध में एसीएस गृह शिवशेखर शुक्ला, सचिव गृह कृष्णा वेणी देशावतु और अतिरिक्त सचिव मनीषा सेंतिया दिल्ली गए थे। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, 9 फरवरी को अभियोजन से जुड़े बिंदु पर सुनवाई संभावित है, जबकि 11 फरवरी को मामले के अन्य पहलुओं पर सुनवाई हो सकती है।
विजय शाह प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह शामिल हैं। एसआईटी पहले भी विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय मांग चुकी है।
विजय शाह ने ऐसा क्या कह दिया था जो कोई माफ करने को तैयार नहीं
11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था- 'उन्होंने (आतंकियों ने) कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा। अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।'मध्य प्रदेश सरकार मे #बीजेपी मंत्री विजय शाह का विवादित ब्यान,
— Sunil Gautam journalist 🇮🇳 (@SunilgautamUP) May 13, 2025
सेना की बेटियों को आतंकवादियों की बहन बताते हुए दिया ब्यान,
कहा मोदी जी कपड़े उतार नहीं सकते थे इसलिए मोदी जी ने आतंकियों के समाज की बहन को भेजकर उन्हें नँगा कर दिया,तुम्हारी जाति की बहन को भेजकर लिया बदला। @INCMP pic.twitter.com/wOXzFNkplg

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