Bhopal की इस गैंग ने कितनी स्कूली छात्राओं को शिकार बनाया, एसीपी अंकिता खातरकर पता लगाएंगी

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 12 फरवरी 2026
: भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज की लड़कियों के बाद एक हाई प्रोफाइल स्कूल की लड़कियों का मामला भी सामने आ गया है। कक्षा 11 की एक लड़की का मामला सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने SIT का गठन कर दिया है। एसीपी अंकिता खातरकर, इन्वेस्टिगेशन को लीड कर रही हैं। पता लगाया जाएगा कि इस गैंग द्वारा भोपाल की कितनी स्कूली छात्राओं को शिकार बनाया गया है और यह गैंग कितनी बड़ी है। 

फ्लैशबैक, भोपाल की ब्लैकमेलर मछली की कहानी 

भोपाल की ब्लैकमेलर मछली की कहानी तो आपको पता ही होगी। यह गैंग दूसरे शहरों से भोपाल में पढ़ने के लिए आई लड़कियों को झूठे प्यार के जाल में फंसाते हैं। इसके लिए अपना नाम और पहचान बदलते हैं। इस काम के लिए लड़कों को फंडिंग की जाती है। फिर लड़की के साथ फिजिकल रिलेशन बनाते हैं। लड़के जब प्राइवेट फोटो वीडियो सरगना के साथ शेयर करते हैं तो उन्हें दूसरी किस्त मिल जाती है। इसी दौरान लड़की को नशीली दावों की लत लगा दी जाती है। इस काम के लिए अलग से इनाम मिलता है। अंत में लड़की को ब्लैकमेल किया जाता है। गैंग का सरगना जो चाहता है लड़की को करना पड़ता है। कभी किसी होटल और कभी किसी फार्म हाउस में जाना पड़ता है। बुर्का पहनना पड़ता है। रोजा रखना पड़ता है। 

लड़की के साथ जो कुछ भी किया जाता है। उसके बदले में गैंग के लड़कों को इनाम मिलता है। यदि लड़की निकाह के लिए तैयार हो जाए और धर्म परिवर्तन कर ले तो बड़ा इनाम मिलता है। यह सब कुछ पुलिस इन्वेस्टिगेशन के दौरान सामने आ चुका है। 

स्कूल वाले मामले में अब तक क्या-क्या पता चला है

पुलिस इन्वेस्टिगेशन में एक नया खुलासा हुआ है कि 11वीं की छात्रा के साथ सिर्फ एक बार नहीं बल्कि कई बार रेप हुआ। इसके लिए चार वाहनों का उपयोग किया गया। पहले केवल THAAR की बात हुई थी लेकिन अब बाकी तीन गाड़ियों को भी पुलिस ने जप्त कर लिया है। रेप करने वाला औसाफ अली गिरफ्तार किया जा चुका है। मछली गैंग का कनेक्शन माज खान भी गिरफ्तार किया जा चुका है। माज खान ने पुलिस रिमांड के दौरान कई नई जानकारियां दी है। एसीपी अंकिता खातरकर के सामने सबसे बड़ा चैलेंज है कि वह इन जानकारी को वेरीफाई करें और इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करें। जब तक नेटवर्क का सूत्र संचालक सक्रिय है, औसाफ अली और माज खान बहुत मिल जाएंगे। इनकी गिरफ्तारी पुलिस की सफलता नहीं है। 

देखते हैं एसीपी अंकिता खातरकर अपने करियर की सबसे चुनौती पूर्ण इन्वेस्टिगेशन को किस तरह से पूरा करती है।
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