भोपाल समाचार, 25 जनवरी 2026: वैसे इस मामले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से डायरेक्ट कोई कनेक्शन नहीं है लेकिन पॉलिटिक्स में आजकल सभी अनुषांगिक संगठनों को मिलाकर RSS कहा जाता है। इसलिए समाचार में भी RSS का उपयोग किया गया है। यह गुड न्यूज़ मध्य प्रदेश के ढाई लाख संविदा कर्मचारियों के लिए है जिनको अब तक दिहाड़ी मजदूर की तरह महंगाई सूचकांक मिल रहा था।
पिछली सरकार ने चतुराई कर दी, संविदा कर्मचारी समझ नहीं पाए
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अनुषांगिक संगठन भारतीय मजदूर संघ द्वारा इस मामले में दौड़ धूप की जा रही है। खबर आई है कि मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक सिंह के साथ बैक टू बैक डिस्कशन चल रहा है। एजेंडा है मध्य प्रदेश के सभी संविदा कर्मचारियों को, नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता के भुगतान की व्यवस्था को बनाना। पिछली सरकार ने कोर्ट के आदेश के बाद संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देना तो शुरू कर दिया है लेकिन महंगाई भत्ता नहीं दिया। मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों को आज भी दिहाड़ी मजदूरों की तरह महंगाई सूचकांक मिलता है। यदि वेतन निर्धारण के समय ही महंगाई भत्ता की व्यवस्था कर दी जाती तो आसानी थी लेकिन अब व्यवस्था में संशोधन करना थोड़ा मुश्किल हो रहा है।
मुख्यमंत्री संविदा महासम्मेलन में महंगाई भत्ता की घोषणा करना चाहते हैं
मप्र संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर प्रदेश के कर्मियों का संविदा महासम्मेलन 30 जनवरी को आयोजित होने जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चाहते हैं कि इस कार्यक्रम में संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता की घोषणा कर दी जाए, और घोषणा के साथ ही महंगाई भत्ता के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो जाए। इसलिए मुख्यमंत्री का सचिवालय और मध्य प्रदेश शासन का फाइनेंस डिपार्मेंट लगातार कनेक्ट बने हुए हैं।
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