भोपाल, 4 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश की राजनीति हमेशा से अलग रही है। यहां के नेता अक्सर खुद को पार्टी से अलग मानते हैं। चुनाव के बाद विरोधी पार्टी के नेताओं के साथ खुलकर अपने संबंध निभाते हैं। मऊगंज में भी ऐसा ही हुआ। भाजपा के विधायक अपने कांग्रेसी मित्र के समर्थन में धरने पर बैठे थे लेकिन इस बार पब्लिक भड़क उठी। हालत यह बन गई की विधायक महोदय को पब्लिक से बचने के लिए दौड़ लगानी पड़ी।
जन सेवा के नाम पर भूमाफियाओं का पक्ष
दरअसल, शनिवार की रात नेशनल हाईवे 135 पर बराओ मोड़ के पास भाजपा विधायक प्रदीप पटेल कांग्रेस नेता विनोद खोडवानी के समर्थन में धरने पर बैठे थे। लेकिन ग्रामीणों ने उन पर सीधा आरोप लगाया कि वे जनसेवा के नाम पर भूमाफियाओं के पक्ष में खड़े हैं और विवाद में एकतरफा फैसला थोपने की कोशिश कर रहे हैं। गुस्साए लोगों ने कहा कि जब मामला कोर्ट में है, तो विधायक को बीच में आकर राजनीति करने का क्या हक है? स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दूसरे पक्ष के व्यक्ति लल्लू पाण्डेय को पुलिस ने थाने भेज दिया। ग्रामीणों का दावा है कि यह कार्रवाई विधायक के दबाव में हुई, जिससे परिजनों और समर्थकों का आक्रोश फूट पड़ा। कुछ लोगों ने तो आत्मदाह तक की कोशिश की, जो इलाके के तनाव को दर्शाता है।
पुलिस ने बड़ी मुश्किल से विधायक को बचाया
भीड़ ने विधायक को चारों तरफ से घेर लिया और मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। माहौल इतना उग्र हो गया कि पुलिस को बीच में आना पड़ा। अगर पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। विधायक को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या सत्ता के दबाव में न्याय हो रहा है या आम आदमी की आवाज दबाई जा रही है। ग्रामीणों की भावनाएं गहरी चोट पहुंची हुई लगती हैं, जहां वे अपनी जमीन और अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।
जमीन के मामलों में विधायक प्रदीप पटेल एक्टिव हो जाते हैं
इस विषय से जुड़ी अन्य जानकारी के अनुसार, मऊगंज में प्रदीप पटेल से संबंधित पहले भी विवाद सामने आए हैं। नवंबर 2024 में, वे एक मंदिर की जमीन पर कथित अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंचे थे, जिससे पत्थरबाजी हुई और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इसी तरह, नवंबर 2025 में भी उन्हें विवादित साइट पर जाने से रोका गया था। ये घटनाएं दिखाती हैं कि इलाके में जमीन विवाद को लेकर विधायक प्रदीप पटेल अक्सर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।
X पर पिछले 24 घंटों में लोगों ने इस घटना पर काफी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पत्रिका मध्य प्रदेश ने पोस्ट किया कि भाजपा विधायक को भीड़ ने खदेड़ा और मुर्दाबाद के नारे लगे। IBC24 न्यूज ने बताया कि जमीन विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आए और विधायक पर हमला हुआ। एक यूजर कुंवर सिंह पटेल ने वीडियो शेयर कर कहा कि मऊगंज की स्थिति चिंताजनक है, भाजपा सरकार अपने विधायकों की रक्षा नहीं कर पा रही। पब्लिक वानी न्यूज ने लिखा कि विधायक के खिलाफ रातभर प्रदर्शन चला। ये पोस्ट्स दिखाते हैं कि सोशल मीडिया पर लोग सियासी दबाव और न्याय की मांग पर चर्चा कर रहे हैं।
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