भोपाल, 19 नवंबर 2025: Verma Travels वाले खुद को Premier Bus Service in Madhya Pradesh कहते हैं परंतु आरटीओ के लापरवाही के कारण वर्मा ट्रेवल्स की गतिविधियां नियंत्रण के बाहर चल रही है। भोपाल से पुणे के लिए रवाना हुई प्रीमियम बस में वर्मा ट्रेवल्स के स्टाफ द्वारा महिला खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ की गई। जब महिला खिलाड़ी ने विरोध किया तो पूरा स्टाफ बस छोड़कर भाग गया। यात्रियों को कई घंटे तक परेशान किया गया। राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज नहीं की गई है बल्कि महिला खिलाड़ी से शिकायत ली गई है। जबकि धारा 199c के तहत इस तरह के मामले में शिकायत लेना और तत्काल मामला दर्ज नहीं करना एक दंडनीय अपराध है।
ड्राइवर और कंडक्टर दोनों नशे की हालत में थे, बस छोड़कर भाग गए
महिला खिलाड़ी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार पीड़ित महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए भोपाल आई हुई थी। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद वह वर्मा ट्रैवल्स की बस में भोपाल से पुणे जा रही थी। पीड़िता का आरोप है कि बस में सवार होते समय ही कंडक्टर ने उसके साथ बैड टच किया। इसके बाद कई बार उसने ऐसा किया। कंडक्टर की हरकतों से तंग आकर महिला खिलाड़ी ने कंडक्टर की पिटाई कर दी, तो ड्राइवर बीच में आ गया। दोनों नशे की हालत में थे। यह देखकर जब यात्री उन पर हावी होने लगे तो कंडक्टर और ड्राइवर दोनों ही मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान बस काफी देर तक सड़क के बीच में खड़ी रही। यात्री परेशान होते रहे। अन्य यात्रियों ने बस संचालक से संपर्क किया। ऑपरेटर ने दूसरे ड्राइवर को मौके पर भेजा। तब कहीं जाकर बस पुणे की ओर रवाना हो सकी।
पुलिस ने ना तो FIR दर्ज की न मेडिकल कराया
महिला खिलाड़ी द्वारा उपस्थित होने के बाद भी राजेंद्र नगर पुलिस ने ना तो कोई मामला दर्ज किया और ना ही आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर को बुलाकर उनका मेडिकल करवाया। राष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ी के साथ छेड़छाड़ के मामले को आपसी बातचीत या समझौते के साथ खत्म करने के लिए वर्मा ट्रेवल्स के संचालकों को अवसर दिया गया है।
छेड़छाड़ की FIR दर्ज नहीं करना एक दंडनीय अपराध है
भारतीय न्याय संहिता की धारा 199(c) विशेष रूप से उल्लेख करती है कि यदि कोई लोक सेवक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 173 की उप-धारा (1) के तहत दी गई सूचना को दर्ज करने में विफल रहता है, जबकि यह सूचना धारा 74 (छेड़छाड़) या धारा 79 (लज्जा भंग करने के इरादे से अपमान) जैसे अपराधों से संबंधित हो, तो उसे कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसकी अवधि छह महीने से कम नहीं होगी, लेकिन जो दो वर्ष तक बढ़ सकती है, और वह जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा।
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