कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं की तैयारी करना एक बड़ी चुनौती है, जहाँ हर छोटी-बड़ी जानकारी और दस्तावेज़ बहुत मायने रखता है। सही और अपडेटेड डॉक्यूमेंट्स न होने पर सालों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, SSC ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसे हर उस उम्मीदवार को जानना चाहिए जो इस कोटे के तहत आवेदन करता है। आइए, इस आधिकारिक नोटिस को सरल और आसान भाषा में समझते हैं ताकि कोई भी कन्फ्यूजन न रहे।
1. प्रमाणपत्र प्रारूपों का सरलीकरण: तीन के बजाय अब सिर्फ दो फॉर्म
विकलांग व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग (DEPwD) के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, SSC ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र के फॉर्मेट को सरल बना दिया है। पहले उम्मीदवारों को तीन अलग-अलग फॉर्म (फॉर्म V, फॉर्म VI, और फॉर्म VII) में से चुनना पड़ता था, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती थी।
अब इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए, पुराने तीन फॉर्म की जगह सिर्फ दो नए और संशोधित फॉर्म जारी किए गए हैं:
फॉर्म V (Form V): एकल दिव्यांगता के लिए (For Single Disability)
फॉर्म VI (Form VI): एक से अधिक दिव्यांगताओं के लिए (For Multiple Disabilities)
यह एक बहुत ही सकारात्मक बदलाव है। पहले के तीन फॉर्म (V, VI, और VII) में से सही फॉर्म चुनने में अक्सर भ्रम होता था। अब इसे सिर्फ दो स्पष्ट श्रेणियों- एकल दिव्यांगता (Form V) और एक से अधिक दिव्यांगता (Form VI) में बांट दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया में होने वाली गलतियों की संभावना कम हो जाएगी।
2. पुरानी भर्तियों के लिए राहत: पुराने और नए दोनों प्रारूप मान्य
उन उम्मीदवारों के लिए यह सबसे बड़ी राहत की बात है जिनकी भर्ती प्रक्रिया अभी चल रही है। SSC ने यह स्पष्ट किया है कि जिन सभी परीक्षाओं के नोटिस 16 अक्टूबर 2024 को या उसके बाद (after 16.10.2024) जारी हुए हैं और जिनकी भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उन परीक्षाओं के लिए उम्मीदवारों को एक विकल्प दिया गया है।
ऐसे उम्मीदवार अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र या तो नए संशोधित प्रारूपों (फॉर्म V और फॉर्म VI) में जमा कर सकते हैं, या फिर उन पुराने प्रारूपों में जमा कर सकते हैं जिनका उल्लेख मूल परीक्षा अधिसूचना में किया गया था। यह फैसला उन उम्मीदवारों के लिए बहुत मददगार है जिन्होंने पहले से ही पुराने प्रारूप में अपना प्रमाण पत्र बनवा लिया था। अब उन्हें आखिरी समय में नए प्रमाण पत्र के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
3. नए फॉर्म में क्या है खास: दिव्यांगताओं की विस्तृत सूची
ये नए फॉर्म विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत निर्दिष्ट सभी प्रकार की दिव्यांगताओं को कवर करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इन फॉर्म्स में दिव्यांगताओं की एक विस्तृत सूची दी गई है ताकि हर स्थिति को सही ढंग से प्रमाणित किया जा सके।
उदाहरण के लिए, इन प्रारूपों में कुछ प्रमुख दिव्यांगता श्रेणियों का उल्लेख है, जैसे: लोकोमोटर दिव्यांगता (Locomotor Disability), कम दृष्टि (Low Vision), अंधापन (Blindness), श्रवण हानि (Hearing Impairment), बौद्धिक दिव्यांगता (Intellectual Disability), ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder), और सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease)।
इसके अलावा, इन फॉर्म्स में उम्मीदवार का फोटो, UDID नंबर, और दिव्यांगता का स्पष्ट प्रतिशत जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करना अनिवार्य है, जो पूरी प्रक्रिया को मानकीकृत और पारदर्शी बनाने में मदद करता है।
उम्मीदवारों के लिए सलाह (Advice for Candidates)
सही फॉर्म चुनें: अपनी दिव्यांगता की स्थिति के अनुसार नए फॉर्म V (एकल) या VI (एक से अधिक) का ही उपयोग करें।
आधिकारिक स्रोत: हमेशा SSC की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम प्रारूप डाउनलोड करें।
UDID है ज़रूरी: ध्यान दें कि नए फॉर्म में UDID नंबर का उल्लेख अनिवार्य है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका UDID कार्ड बना हुआ है।
निष्कर्ष: संक्षेप में, SSC ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को दो सरल फॉर्म में समेटकर उम्मीदवारों के लिए इसे आसान बना दिया है, साथ ही चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के लिए पुराने और नए दोनों प्रारूपों को मान्य रखकर बड़ी राहत भी दी है।
यह कदम निश्चित रूप से विकलांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा। इस बदलाव पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में हमें बताएं।
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