भोपाल, 17 नवंबर 2025: नवाबों की इस हसीन नगरी में ठंड ने ऐसा धमाल मचा दिया है कि लगता है, ऊपरी हवा ने भी शाही दावत का न्योता ठुकरा दिया। रविवार रात भोपाल ने नवंबर के इतिहास को पलट दिया। पारा लुढ़ककर 5.2 डिग्री सेल्सियस पर आ टिका, जो 84 साल पुराने रिकॉर्ड (30 नवंबर 1941 का 6.1 डिग्री) को भी धूल चटा गया। एक ही रात में 1.2 डिग्री की गिरावट! झीलों के किनारे वो सैर-सपाटा अब कंबल ओढ़े यादों में सिमट गया है। भोपाली चाय की चुस्कियां अब और गर्म लग रही हैं, लेकिन दिल तो ठंडा ही हो गया।
इंदौर में ठंड का 25 साल का रिकार्ड टूटा
मौसम विभाग की मानें तो मध्य प्रदेश भर में रात का पारा 12 डिग्री से नीचे ही मंडरा रहा है। भोपाल तो केंद्र में है, लेकिन इंदौर में 7.2 डिग्री ने 25 साल का पुराना सर्द रिकॉर्ड तोड़ दिया। एक रात में 0.8 डिग्री की 'बढ़ोतरी' (यानी गिरावट!)। राजगढ़ में तो 5 डिग्री ने सीजन का सबसे निचला पायदान थाम लिया। ग्वालियर (9.8), उज्जैन (9.6) और जबलपुर (9.3) में भी ठंड ने कमर कस ली है। अगले दो दिनों तक शीतलहर का अलर्ट लटका है, मानो सर्द हवाओं ने नवाबी शान पर सवारियां बांध ली हों।
भोपाल के कलेक्टर को नन्हे नवाबों की कोई फिक्र नहीं
लेकिन असली फिक्र तो उन नन्हे नवाबों की है, जो ठिठुरते हुए स्कूल की राह पकड़ रहे हैं! भोपाल में ज्यादातर स्कूल सुबह 7:30 बजे ही खुल रहे हैं। दूरी ज्यादा हो तो वैन-बसें 6:30 बजे घरों पर धमक जाती हैं। अभिभावक चिंतित हैं "बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, सर्दी में इतनी सुबह उठना तो कफ़न ओढ़ने जैसा है!" एक मां ने बताया। पेरेंट्स की गुहार है कि जिला प्रशासन स्कूल टाइमिंग बढ़ा दे, वरना ये ठंड बच्चों की पढ़ाई पर भारी न पड़ जाए।
4 जिलों में स्कूलों का टाइम बदल गया, भोपाल में चर्चा हो रही है
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल समाचार को बताया, "इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से बात हो चुकी है। टाइमिंग बढ़ाने के आदेश जल्द जारी कर देंगे। नवाबी शहर के बच्चों का ख्याल रखना हमारा फर्ज़ है।" अच्छी बात ये कि कुछ जिलों ने कमर कसी ली है। ग्वालियर में 1 नवंबर से स्कूल 8 बजे के बाद खुल रहे हैं। छिंदवाड़ा के डीईओ ने सख्ती बरती – सुबह 8:30 से पहले कोई क्लास नहीं! देवास के कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने तो नर्सरी से 12वीं तक सभी स्कूलों को 10 बजे तक राहत दी। झाबुआ में कलेक्टर नेहा मीना का आदेश है: नर्सरी से तीसरी तक 9 बजे, चौथी से 12वीं तक 8 बजे से पहले कोई हलचल नहीं।
इंदौर में स्कूलों का टाइम बदलने की उम्मीद नहीं
दूसरी तरफ, इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा, "अभी कोल्ड डे जैसी स्थिति नहीं बनी। सोमवार को अगर ठंड ने और तांडव किया तो शिक्षा विभाग से समन्वय कर टाइमिंग पर फैसला लेंगे।" उज्जैन के एडीपीसी गिरीश तिवारी ने भी कहा, "ठंड के बावजूद समय परिवर्तन पर अभी कोई निर्णय नहीं।"
भोपाल की ये सर्द रातें तो यादगार बन गईं, लेकिन उम्मीद है कि प्रशासन बच्चों को गर्माहट देगा। वरना, नवाबों की संतानें कंबल लपेटे क्लासरूम में शायरी लिखने लगेंगी – "ठंड ने दिल को छुआ, स्कूल ने नींद उड़ाई!" फिलहाल, गर्मागर्म गोश्त कोरमा और अदरक वाली चाय से जंग लड़िए। अपडेट्स के लिए बने रहें... अल्लाह हाफिज़!
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