भोपाल, 14 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश में सर्दी ने ऐसे रिकॉर्ड तोड़ दिए जैसे कोई तूफान आ गया हो। गुरुवार-शुक्रवार की रात तो शिवपुरी सबसे ठंडा पड़ गया, पारा लुढ़क के 8 डिग्री पर आ टिका। वाह रे ठंड, कंबल की कमान सलाम करने लगी।
दूसरी तरफ, भोपाल और इंदौर 10 के नीचे ही रहे। मौसम वाले भैया कहते हैं, भोपाल में 9.6 डिग्री, पिछले सात दिन से तो 8 डिग्री के आसपास घूम रहा था, इसलिए ठंड का असर दुगुना लग रहा। इंदौर में 8.2, जबलपुर 9.4, ग्वालियर 10.5, उज्जैन 11.8 डिग्री।
अब देखो छतरपुर के नौगांव और राजगढ़ में 8.2, उमरिया 8.6, रीवा 8.8, छिंदवाड़ा और बालाघाट के मलाजखंड में 9.5, मंडला 9.6 डिग्री। ये सब ठंड की चपेट में फंसे हैं, जैसे कोई बर्फीली हवा ने घेर लिया हो। मौसम के पुराने जानकार पीके शाह भैया बता रहे हैं कि उत्तर की बर्फीली हवाओं ने ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, सागर और भोपाल के इलाकों को सबसे ज्यादा तगड़ा झटका दिया। पचमढ़ी तो दक्षिण में है ना, वहां हवा की रफ्तार कम पड़ी, इसलिए रातें भोपाल-इंदौर जितनी कड़क नहीं।
डिंडौरी में तो ठंड ने स्कूलों का टाइम बदलवा दिया, कलेक्टर दीदी अंजू पवन भदौरिया ने रात को ही फरमान सुना दिया। बच्चे अब थोड़ी देर और कंबल में दुबके रहेंगे।
अब सुनो मजेदार बात, देहरादून-शिमला से ज्यादा इंदौर और भोपाल ठंडे पड़ गए। मौसम वाले कहते हैं, देहरादून में 10 डिग्री, शिमला 8.2, ऊना 8 लेकिन इंदौर में 7.6 और भोपाल 8.2 डिग्री तापमान रहा। पिछले हफ्ते से यही सिलसिला चल रहा, जैसे मध्य प्रदेश ने पहाड़ियों को पछाड़ दिया हो।
पचमढ़ी: गर्मी में ठंड और ठंड में गर्म
और हां, राजगढ़ तो सबसे ठंडा साबित हुआ, पारा 7.4 तक लुढ़क गया। उत्तरी इलाकों में बर्फीली हवा का सबसे बुरा असर। जबलपुर 9.9, ग्वालियर 11.4, उज्जैन 10.7, उमरिया और नौगांव 8.4, रीवा 8.9, शिवपुरी 9, मलाजखंड 9.8, मंडला 10.1, बैतूल-छिंदवाड़ा 10.2, दतिया 10.9, बाकी सब जगहों पर भी पारा नीचे गिरा। बस पचमढ़ी का हिल स्टेशन 13.4 पर टिका, थोड़ी राहत की सांस।
ये ठंड तो नवंबर में ही आ गई, अब दिसंबर का क्या हाल होगा, ईश्वर ही मालिक। लोगो को गर्म कपड़े पहन लो, और चाय की चुस्की बढ़ा दो।

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