शिवराज मामा, सरकार को निर्देश दीजिए, आपका वादा पूरा करे - अतिथि शिक्षक का Khula Khat

Updesh Awasthee
आदरणीय शिवराज मामाजी
, सादर नमस्कार, आपने मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के जीवन से भविष्य की अनिश्चितता दूर करने का वादा 2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षक महापंचायत में किया था। किंतु आज तक अतिथि शिक्षकों के जीवन में यह अनिश्चितता बनी हुई है। आपने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बाध्यता को नियमितीकरण में बाधक बताया था, परंतु हजारों अतिथि शिक्षक डी.एड. तथा बी.एड. प्राप्त कर चुके हैं और किसी न किसी वर्ग में पात्रता एवं चयन परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं। 

अतः निवेदन है कि मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दें कि वे अतिथि शिक्षक, जो डी.एड. या बी.एड. कर चुके हैं तथा पात्रता एवं चयन परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, उन्हें शीघ्र नियमित कर दिया जाए। साथ ही, उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों की तर्ज पर स्थायी शिक्षक नियुक्ति में प्रतिवर्ष 2.5 अंक का बोनस दिया जाए, जिसमें अधिकतम 10 वर्ष की सेवा पर 25 अंक तक का प्रावधान हो। इसी प्रकार से अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण संभव है।  

प्रदेश में 70 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि वर्तमान में माध्यमिक स्तर पर हजारों पद रिक्त हैं और प्राथमिक स्तर पर एक लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। उसके बावजूद नाममात्र के पदों पर शिक्षक भर्ती होने से 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ व्यर्थ हो रहा है। अतः रिक्त पदों पर न्यूनतम अर्हता रखने वाले अतिथि शिक्षकों का अलग से संवर्ग बनाकर नियमितीकरण का प्रयास किया जाए। इसके अतिरिक्त, अतिथि शिक्षकों के लिए वर्तमान में किसी भी प्रकार का अवकाश प्रावधान न होने से वेतन कटौती होती है और कई बार अनुपस्थिति पर नौकरी जाने का खतरा बना रहता है। 

अतः इस दिशा में शीघ्र कार्यवाही की जाए। जब अतिथि शिक्षक स्थायी शिक्षकों की भांति सभी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तथा ई-अटेंडेंस भी लगा रहे हैं, तो समान कार्य के लिए समान वेतन एवं अन्य शासकीय सेवकों के समान लाभ से उन्हें वंचित रखना राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांतों की अवहेलना है।  

आशा एवं विश्वास है कि आप इस दिशा में मध्य प्रदेश सरकार को आवश्यक निर्देश देंगे, ताकि अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके और उनके परिवार संतोषजनक जीवन जी सकें। आपने इससे पूर्व भी रायसेन अंत्योदय मेला (11 मई 2013) में तीन वर्ष की सेवा देने वाले अतिथि शिक्षकों के संविदाकरण की बात कही थी तथा अतिथि शिक्षक महापंचायत में उनके जीवन से अनिश्चितता दूर करने का संकल्प लिया था, जो आपकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। इसी आशा एवं विश्वास के साथ, आपके द्वारा 10 सितंबर 2017 को 'राजस्व सुधार सुझाव हेतु सीएम दिल से' कार्यक्रम में प्रशंसित आपका भांजा।  
सादर धन्यवाद,
आशीष कुमार बिलथरिया
उदयपुरा, जिला रायसेन, मध्य प्रदेश

अस्वीकरण: खुला खत एक ओपन प्लेटफॉर्म है। यहाँ मध्य प्रदेश के सभी जागरूक नागरिक सरकारी नीतियों की समीक्षा करते हैं, सुझाव देते हैं, और समस्याओं की जानकारी देते हैं। पत्र लेखक के विचार उसके निजी हैं। यदि आपके पास भी कुछ ऐसा है, जो मध्य प्रदेश के हित में हो, तो कृपया लिख भेजें। हमारा ई-मेल पता है: editorbhopalsamachar@gmail.com

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