भोपाल, 10 नवंबर 2025: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर में 2 नवंबर को केमिकल गोदाम में आगजनी की घटना में दो महिलाओं की मौत हो गई थी। एसीपी निधि सक्सेना और एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा घटनास्थल पर आपस में हंसी मजाक करते हुए नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद आज मध्य प्रदेश शासन गृह विभाग मंत्रालय द्वारा श्री आलोक शर्मा का ट्रांसफर उज्जैन कर दिया गया है। इसके अलावा उज्जैन के एडिशनल एसपी श्री नितेश भार्गव को भोपाल पुलिस हैडक्वाटर बुला लिया गया है।
एसीपी निधि सक्सेना और एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा हंसी-मज़ाक करते नजर आए
घटना स्थल की यह तस्वीर सब कुछ बयान कर रही है। सामने गोदाम में भीषण आग लगी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। रहवासी इंसानियत के नाते बचाव कार्य में जुटे हुए थे, लेकिन वहीं खड़े एसीपी निधि सक्सेना (राजेंद्र नगर) और एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा पूरी तरह बेपरवाह मुद्रा में दिखाई दिए। दोनों अधिकारी हादसे के बीच मस्ती के मूड में हंसी-मज़ाक करते नजर आए। लेकिन वही नजदीक खड़े कृष्ण लालचंदानी, डीसीपी जोन-1 गंभीर मुद्रा में थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी फोटो
इन तस्वीरों में सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पब्लिक में पुलिस के प्रति तीखी प्रतिक्रिया देखी गई। लोगों का कहना था कि, हादसे में जानें चली गईं और मातम पसरा था, मगर इनकी मुस्कुराहट ने पुलिस की गंभीरता और जिम्मेदारी दोनों पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
जुलाई में मीडियाकर्मी से कहा था: तुम्हारी औकात क्या है?
जुलाई माह की एक घटना ने इंदौर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मृतक मजदूर के परिजन अपने परिवारजन की मौत के बाद ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाते हुए आजाद नगर थाने पहुंचे थे। परिजन दिनभर न्याय की गुहार लगाते रहे, लेकिन शाम तक पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे भी अधिक चौंकाने वाला आरोप यह था कि जिस ठेकेदार पर हत्या का शक था, उसे पुलिस ने थाने बुलाकर ‘चाय पिलाई’ और सबके सामने ही छोड़ दिया। जब इस मामले पर मीडियाकर्मियों ने सवाल किए, तो एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा आपा खो बैठे। उन्होंने कैमरे पर माइक आईडी पर हाथ मारते हुए कहा: “तुम्हारी औकात क्या है?” इस बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वायरल होते ही आलोक शर्मा को लोगों ने जमकर ट्रोल किया और पुलिस विभाग की छवि पर भी सवाल उठे।
आलोक शर्मा, विभागीय मामलों में भी विवादित रहे हैं
यह पहला मौका नहीं है जब एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा की कार्यशैली विवादों में आई हो। इससे पहले भी वे कई मामलों में चर्चा में रह चुके हैं। एक प्रकरण में उन्होंने रिंग राउंड ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की गैरहाजिरी केवल इसलिए दर्ज कर दी थी, क्योंकि वे “अलग-अलग खड़े” थे। उनके इस निर्णय को स्टाफ ने “तुगलकी फरमान” करार दिया था। विभाग के भीतर भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई गई थी, और कई कर्मियों ने इसे अनुचित बताया था।

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