सिंधिया और कमलनाथ के बीच गाली गलौज हुई थी, पत्रकार बृजेश राजपूत का खुलासा - MP NEWS

Updesh Awasthee
मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित पत्रकार श्री मिलिंद खांडेकर के साथ पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह का पॉडकास्ट केवल वहीं तक सीमित नहीं रहा जहां तक श्री दिग्विजय सिंह चाहते थे। कई नई बातें सामने आ रही हैं। VISTARA NEWS के संस्थापक संपादक एवं प्रख्यात पत्रकार श्री बृजेश राजपूत ने बताया है कि उस मीटिंग में गाली गलौज भी हुई थी। 

विशलिस्ट बनी थी लेकिन सहमति नहीं हुई थी: बृजेश राजपूत

श्री बृजेश राजपूत ने MP TAK से बात करते हुए बताया कि, श्री दिग्विजय सिंह ने जिस विशलिस्ट की बात की है, वह इतनी सामान्य नहीं थी। उद्योगपति के घर हुई डिनर मीटिंग में श्री कमलनाथ, श्री दिग्विजय सिंह, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा श्री विवेक तन्खा और अन्य लोग भी शामिल थे। श्री राजपूत ने यह भी बताया कि मीटिंग किसी भी प्रकार की सहमति के बिना खत्म हुई थी बल्कि काफी तनावपूर्ण स्थिति में खत्म हुई थी। इस मीटिंग के दौरान अंग्रेजी भाषा में गालियों का भी आदान-प्रदान हुआ था। 

नेताओं के बीच में जनहित कोई मुद्दा ही नहीं था

इस पूरे घटनाक्रम पर बेस्ट सेलर बुक "वह 17 दिन" लिखने वाले ऑलराउंडर पत्रकार श्री बृजेश राजपूत ने यह भी बताया कि, बात सिर्फ इतनी सी नहीं थी जितनी पॉडकास्ट में श्री दिग्विजय सिंह ने बताई है। तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। तनाव का कारण सिर्फ कमलनाथ नहीं थे बल्कि दिग्विजय सिंह भी थे। श्री राजपूत ने बातचीत के दौरान जो कुछ बताया इसका एक निष्कर्ष यह भी निकलता है कि दोनों पक्षों के बीच में जनहित को लेकर कोई संघर्ष की स्थिति नहीं थी। यह जो कुछ भी तनाव हुआ, वह पावर के लिए और व्यक्तिगत हितों के कारण हुआ है।

दिग्विजय सिंह की सिगड़ी में ब्लास्ट भी हो सकता है

कुल मिलाकर मध्य प्रदेश की पॉलीटिकल हिस्ट्री में दर्ज हुई या घटना एक बार फिर सुर्ख हो गई है। कुछ छुपी हुई बातें सामने आ गई है और कहा जा रहा है कि अभी बहुत कुछ बाकी है, जो आने वाले दिनों में सामने आएगा। एक वरिष्ठ पत्रकार ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि श्री दिग्विजय सिंह ने अपनी रोटी सेकने के लिए जो आग लगाई है, वह इतनी खतरनाक है कि उसमें इनका हाथ भी जल सकता है और किसी गंभीर स्थिति का शिकार भी हो सकते हैं।

सिगड़ी: एक प्रकार का चूल्हा होता है जिसे विशेष प्रकार से बनाया जाता है। यह काफी पुरानी पद्धति है और चूल्हे की तुलना में सिगड़ी की आग को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसमें एक कमी होती है। सिगड़ी को बनाने की प्रक्रिया कुछ ऐसी होती है कि आग लगने के बाद सिगड़ी के अंदर एक वेक्यूम बन जाता है और यदि कोई गलती हो जाए तो सिगड़ी में ब्लास्ट भी हो सकता है।
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