BNS 51, IPC 111 - Y को विष देने के लिए उकसाया और विष G को दे दिया तब, दुष्प्रेरण का अपराध बनता है या नहीं

Legal general knowledge and law study notes 

अगर किसी व्यक्ति ने Y, को विष देने के लिए उकसाया है और दुष्प्रेरित व्यक्ति G, को विष दे देता है तब क्या दुष्प्रेरण का मामला दर्ज होगा। उकसाने वाले व्यक्ति को अपराधी मानकर सजा दी जाएगी या माफ कर दिया जाएगा। जानिए :-

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 50, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 110 की परिभाषा 

जब किसी कार्य के लिए उकसाया गया हो और कोई भिन्न कार्य किया गया है, तब दुष्प्रेरक उसी कार्य के लिए दोषी होगा जिस कार्य के लिए उसके उकसाया था चाहे कार्य भिन्न ही क्यूँ न हुआ हो।

इसे उदहारण से समझे:-

एक शिशु को Y, के भोजन में विष डालने के लिए K, उकसाता है, वह शिशु उकसाहट के परिणामस्वरूप भूल से M, के भोजन में विष डाल देता है तब K, उसी प्रकार के अपराध का दोषी होगा मानो उसने शिशु को M, के भोजन में विष डालने के लिए उकसाया हो।

इससे संबंधित महत्वपूर्ण जजमेंट समझे:-
▪︎ गिरजा प्रसाद बनाम सम्राट।
▪︎ गणेश प्रसाद बनाम सम्राट। 
▪︎ नंदु केदार बनाम मध्यप्रदेश राज्य। 
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:- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद), इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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