BNS 32, IPC 94 - धमकी के कारण किया गया अपराध क्षमा योग्य होता है, जानिए

Legal general knowledge and law study notes 

कई बार कुछ अपराधी, किसी व्यक्ति को धमकी देकर, उसके मन में भय उत्पन्न करके, उसको कोई ऐसा काम करने के लिए मजबूर कर देते हैं जो भारत में किसी कानून के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इस प्रकार के आपराधिक मामलों में अपराधी को क्षमा कर दिया जाता है और धमकी देने वाले अपराधी को दंडित किया जाता है।

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 32, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 94 की परिभाषा 

किसी व्यक्ति द्वारा किसी अन्य निर्दोष व्यक्ति को भय, धमकी आदि देकर उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई भी अपराध करवाया जाता है। तब इस प्रकार का अपराध IPC की धारा 94 एवं BNS की धारा 32 के अंतर्गत क्षमा योग्य होगा। धारा 94 में "धमकी" का अर्थ है, किसी व्यक्ति को किसी हानि या कष्ट के भय से भयभीत करना। 

The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 section 32, Indian Penal Code, 1860 section 94 Punishment

महत्वपूर्ण निर्णय:- बच्चन लाल बनाम राज्य एवं उमा दासी बनाम सम्राट मामले मे उच्चतम न्यायालय ने कहा कि किसी को मृत्यु का डर दिखाकर विवश करके कोई अपराध करवा लेता है वह भारतीय दण्ड संहिता की धारा 94 के अंतर्गत क्षमा योग्य होगा।

सोनू बनाम सम्राट मामले मे न्यायालय द्वारा कहा गया की मृत्यु का भय तत्काल प्रभावी होगा, अगर आरोपी संरक्षण में यह बोलता है की एक दिन पहले मुझे मृत्यु का भय या धमकी दी थी तब यह IPC की धारा 94 के अंतर्गत बचाव नहीं होगा। 

इसी प्रकार बर्क बनाम क्लार्कसन मामले मे कहा गया कि अगर मृत्यु का भय दिखाकर किसी व्यक्ति की हत्या करने के लिए विवश किया गया है तब वह भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत बचाव नहीं होगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) 

:- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 , इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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