IPC 227 - दण्ड के परिहार की शर्तों का उल्लंघन करना, परिभाषा एवं दंड प्रावधान

भारत सरकार या राज्य सरकार राष्ट्रपति की अनुमति द्वारा किसी भी अपराधी की सजा को कम कर सकती है एवं भारतीय दण्ड प्रक्रिया, 1973 की धारा 432 के अन्तर्गत कुछ नियम बनाए जाते हैं जिसका पालन उस अपराधी को करना होता है जिसकी सजा को सरकार द्वारा कम किया गया है, अगर वह उन नियमों,शर्तों का उल्लंघन करता है तो उस पर किस कानून के अंतर्गत मामला दर्ज होगा जानिए।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 227 की परिभाषा 

जो कोई व्यक्ति सरकार द्वारा दण्ड में मिली छूट या माफी की शर्तों का उल्लंघन करता है अर्थात सीआरपीसी की धारा 432 की शर्तों पर अतिक्रमण करता है वह व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता की धारा 227 के अंतर्गत दोषी होगा।

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इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं अजमानतीय होते हैं इनकी सुनवाई उसी न्यायालय द्वारा होगी जिसमें अपराधी को पूर्व में दण्ड़ दिया गया था।
सजा- इस अपराध के लिए वहीं सजा होगी जो शेष बची हुई थी अर्थात छूट दी गई सजा को पूरा करना होगा।

जैसे कि किसी अपराधी को चौदह वर्षा की सजा हुई थी सात वर्ष की सजा काटने के बाद सरकार उसकी सात वर्ष की सजा माफ कर देती है लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वह छूट की शर्तों का उल्लंघन करता है और वह दोषी पाया जाता है तब उसे छूट में मिली सात वर्ष की सजा काटनी होगी। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 

इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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