MP NEWS - ग्वालियर में पीएफ कमिश्नर, महिला तहसीलदार, 2 TI समेत 14 के खिलाफ FIR

कुछ दिनों पहले सरेआम गोलियों से भूलकर मार डाले गए बन्हैरी गांव के सरपंच विक्रम रावत की पत्नी की बहन ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत, उनकी तहसीलदार पत्नी श्रीमती कृष्णा रावत, टी ओम प्रकाश रावत और टी नरेश रावत सहित 14 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

हत्या के बाद राजीनामा के लिए दबाव बन रहे थे

शहर के कंपू थानाक्षेत्र स्थित चिरवाई नाका स्थित ग्रीन एवेन्यू रहने वाले बन्हैरी गांव के सरपंच विक्रम रावत की 9 अक्टूबर को पड़ाव के कांति नगर के पास गोलियों से भूनकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद पुलिस ने पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत सहित एक दर्जन से अधिक बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत गिरफ्तार नहीं किया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पीएफ कमिश्नर मुकेश रावत, उनकी तहसीलदार पत्नी श्रीमती कृष्णा रावत, टी ओम प्रकाश रावत और टी नरेश रावत सहित कई लोग उनको धमकियां दे रहे थे। राजीनामा करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसी के चलते अमृत सरपंच विक्रम रावत की पत्नी की बहन आरती रावत ने जहर खा लिया। आनन-फानन में उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया था। 

पुलिस छावनी बना अस्पताल, तनाव की स्थिति 

सरपंच की साली की मौत की खबर सुनते ही एसएसपी सहित सभी एएसपी व कई थाना प्रभारियों के साथ ही काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रात से ही एक हजार बिस्तर अस्पताल को पुलिस छावनी बना दिया गया। एक बार फिर से हंगामा और उपद्रव ना हो इसे देखते हुए रात से ही एएसपी सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और आक्रोशित परिजन को समझाइश देते नजर आए। स्थिति पर काबू रखने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को भी पुलिस ने बुलवाया और आक्रोशित परिजन को समझाइश दी। जिससे हंगामे की स्थिति न बने, लेकिन शुक्रवार दोपहर जैसे ही पोस्टमार्टम हुआ तो आरती के परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस पर ही हंगामा कर बाहर जाम लगा दिया है। किसी तरह पुलिस ने उनको तत्काल एक्शन लेने का आश्वासन देकर समझाया है।

इन लोगों के खिलाफ आरती की आत्महत्या का मामला दर्ज हुआ

पुलिस ने आरती को खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में आशोक नगर थाना प्रभारी नरेश रावत (मुकेश रावत का साला), रिश्तेदार पोरसा थाना प्रभारी ओमप्रकाश रावत के अलावा विजेन्द्र रावत, गोपाल रावत, सुर्यभान, अमित, पुष्पेन्द्र रावत, हरि उर्फ बनिया, कृष्णा रावत (एसएलआर राजस्व विभाग) पत्नी मुकेश रावत, दिलीप रावत, मुकेश रावत, रणवीर रावत, संजय व बिजेन्द्र व अन्य पर मामला दर्ज किया है।

प्रॉपर्टी से शुरू हुआ विवाद खानदानी दुश्मनी में बदल गया 

दोनों परिवारों के बीच में संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसके चलते जून 2021 में सरपंच विक्रम रावत के चचेरे भाई की आरोन पुलिस थाने के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का मुख्य गवाह सरपंच विक्रम रावत था। वह आरोपी पक्ष के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं था। राजीनामा से इनकार कर दिया था। बन्हैरी गांव के सरपंच विक्रम रावत 9 अक्टूबर की सुबह पड़ाव कांति नगर में वकील से मिलने के लिए कार से पहुंचा था। विक्रम की चचेरे भाई की हत्या का मामले में उसी दिन उसकी गवाही होनी थी। अभी वह कार से उतरा था कि बाइक, एक्टिवा से आए बदमाश और पहले से वहां घात लगाकर खड़े बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए उसकी हत्या कर दी थी। सरपंच को सात गोलियां लगी थीं। सिर में चार और पीठ, सीने में तीन गोलियां लगी थीं। 

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