MP NEWS- उज्जैन कांड वाली लड़की उत्तर प्रदेश नहीं सतना की है, 24 सितंबर से लापता थी

मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में दिल्ली निर्भया कांड के समान दरिंदगी का शिकार हुई 12 साल की लड़की, उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के ही सतना जिले की रहने वाली है। 24 सितंबर को थाने में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। वह कक्षा 8 में पढ़ती है। 

दंडी आश्रम के आचार्य ने आश्रय दिया था

सोमवार, 25 सितंबर की सुबह उज्जैन से करीब 15 किलोमीटर दूर बड़नगर रोड स्थित दंडी आश्रम के पास 12 वर्षीय नाबालिग लहू लुहान और नग्न हालत में पहुंची थी। उसकी स्थिति को देख आश्रम के एक आचार्य ने नाबालिग को गमछा पहनाया और इसकी सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग की हालत देखकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन पीड़िता की हालत गंभीर होने के बाद उसे इंदौर (Indore) रेफर कर दिया गया था। लड़की की हालत गंभीर थी। अधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण जीवन संकट में आ गया था। इंदौर पुलिस के कर्मचारियों ने ब्लड डोनेशन करके लड़की की जान बचाई। उज्जैन पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया है, परंतु समाचार लिखे जाने तक, तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस को दरिंदों के नाम तक नहीं पता चल पाए हैं। 

सतना पुलिस ने मामला दर्ज किया लेकिन तलाश नहीं किया

उज्जैन पुलिस ने शुरुआत में दावा किया था की लड़की उत्तर प्रदेश की रहने वाली है, उसकी मां के साथ भी कोई घटना हुई है। पुलिस ने यह भी कहा था की घटना किसी दूसरी जगह पर हुई होगी और लड़की को यहां लाकर छोड़ दिया गया है, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और अन्य खुलासों के बाद स्पष्ट हो गया की घटना उज्जैन में और रात 3 से 5 बजे के बीच हुई। यह भी स्पष्ट हो गया है की लड़की सतना जिले की रहने वाली है। वह कक्षा 8 में पढ़ती है। अपने दादाजी और बड़े भाई के साथ सतना शहर में रहती थी। 24 तारीख को उसका अपहरण कर लिया गया था लेकिन सतना पुलिस ने उसे तलाशने का कोई प्रयास नहीं किया। 

पुलिस की मानसिकता जिम्मेदार

दरअसल इस प्रकार के मामलों में कुछ पुलिस कर्मचारियों की घटिया मानसिकता लड़कियों के लिए संकट बन जाती है। यदि लड़की की उम्र 10 वर्ष से अधिक है तो कानूनी बाध्यता के चलते पुलिस अपहरण का मामला तो दर्ज करती है लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह मानती है की लड़की किसी के साथ भाग गई होगी और इसके चलते लड़की को तलाश में का प्रयास भी नहीं किया जाता। पुलिस का मानना रहता है कि कुछ दिनों बाद जब पैसे खत्म हो जाएंगे तो लड़की अपने आप वापस आ जाएगी।

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