What is Contract Law - संविदा विधि क्या है, जानिए प्रस्तावना- Indian Contract Act,1872

Bhopal Samachar
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प्राचीनकाल से ही लोग किसी प्रथा को मनाने के लिए शर्ते लगाते थे, धीरे-धीरे मध्य काल आया और राजा महाराजाओं के बीच सन्धिया होने लगी। ये संधि व्यापार, राज्यों, प्रशासन को लेकर होती थी। जैसे ही आधुनिक काल आया तब ब्रटिश सरकार ने हिंदुओं और मुस्लिमों को विश्वास दिलाने के लिए एक संविदा नीति लागू की, 1833 के ब्रटिश चार्टर द्वारा प्रेसिडेंसी टाउन में एकल विधान प्रारंभ किया। 

भारतीय संविदा अधिनियम को बनने में 19 साल लगे

प्रथम विधि आयोग की सिफारिश पर विचार करने के लिए 1853 के चार्टर के अंतर्गत द्वितीय विधि आयोग की स्थापना हुई एवं 1861 में तृतीय विधि आयोग की स्थापना के बाद 1866 की दूसरे रिपोर्ट ने संविदा विधि का प्रारूप प्रस्तुत किया एवं 1867 को यह प्रकाशित किया गया एवं कुछ संशोधन के बाद 1872 में इसे भारतीय संविदा अधिनियम,1872 का नाम दे दिया गया।

कुल मिलाकर, संविदा विधि वर्तमान समय में जनसाधारण के दैनिक व्यवहार का एक महत्वपूर्ण अंग है जैसे कि जो व्यक्ति किसी व्यापार, वाणिज्य, उद्योग, या किसी पेश या व्यवहारिक समझौता करना चाहते हैं तब संविदा विधि एक कानूनी अधिकार के तौर पर लोगो का हथियार मानी जाती है।

What is the difference between agreement and contract- करार एवं संविदा में क्या अंतर है, जानिए

बहुत से लोग यह नहीं समझते Agreement क्या है और Contract क्या है हम आपको सरल भाषा में इसको समझाने की कोशिश करते हैं।
करार (Agreement) संविदा का प्रथम चरण होता है अर्थात दोनो पक्षकार किसी बात को लेकर अपनी सहमति दे देते हैं एवं एक दूसरे की बात से सहमत हो जाते हैं उसे करार कहा जाता है। और वहीं करार जब विधि अनुसार लागू किया जाता है वह अनुबंध या संविदा कहलाता है।

उधारानुसार:- राम, मोहन से एक हजार रुपए लेता है ओर उसके बदले में मोहन को एक सोने की अंगूठी देता है, राम मोहन से कहता है की वह पैसों के ब्याज सहित दो महीने में आपके पैसे को लौटा देगा, अगर वह पैसे नहीं लौटाता यह तो उसकी सोने की अंगूठी मोहन की हो जायेगी। मोहन इस बात से सहमत हो जाता है। तब दोनों की सहमति के लिए जो दस्तावेज तैयार किया जाएगा उसे करार यानी एग्रीमेंट कहते हैं। 

लेकिन यदि राम और मोहन के बीच यह व्यवहार निर्धारित होता है कि राम, मोहन की अंगूठी को बाजार में बेच कर आएगा और इसके बदले ₹1000 कमीशन लेगा, तब इस व्यवहार के लिए जो वैधानिक दस्तावेज तैयार होगा उसे संविदा यानी अनुबंध अर्थात कॉन्ट्रैक्ट कहा जाएगा। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 
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