CrPC 327- खुला न्यायालय क्या होता है, बंद कमरे में सुनवाई क्यों होती है, जानिए

What is open court, why hearing is held in closed room, read here

दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 327 खुला न्यायालय की परिभाषा को बताती है। उपधारा 1 के अनुसार वह स्थान अर्थात कोई भी दण्ड न्यायालय किसी अपराध की जाँच या विचारण के प्रयोजन से बैठता हैं उसे खुला न्यायालय कहते हैं अर्थात जिसमे जनता pravesh कर सकती है, इतनी की उसमे सुविधा पूर्वक समा सके।परंतु किसी विशिष्ट मामले में मजिस्ट्रेट या न्यायालय का पीठासीन न्यायधीश जाँच या विचारण के समय जनसाधारण या विशेष व्यक्ति को उस दण्ड न्यायालय में आने से रोक सकती है जब कोई विशिष्ट मामले की तारीख हो।

किस प्रकार के अपराधों की सुनवाई बंद कमरे में की जाती है

दण्ड प्रक्रिया संहिता,1973 की धारा 327 की उपधारा 02 में बताया गया है कि भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 376 (क, ख, ग, घ, ङ,कख,) के अधीन बलात्संग के अपराधों की सुनवाई बंद कमरे में की जाएगी परंतु मजिस्ट्रेट किसी विशेष व्यक्ति को बंद कमरे में प्रवेश करने की अनुमति दे सकता है।

साक्षी बनाम भारत संघ 

मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभिनिर्धारित किया कि बच्चों के लैंगिक शोषण संबंधित मामलों, आईपीसी की धारा 354 एवं 377 के अपराधों में, पोक्सो एक्ट में सुनवाई बन्द कमरे में या न्यायालय वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा भी कर सकता है। - Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665

इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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