किसी भी इंस्टिट्यूट में एडमिशन कराने से पहले ध्यान से पढ़ें, ताकि सनद रहे - Legal advice

ग्वालियर
। यदि आप अपने बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए किसी बड़े शहर में प्रतिष्ठित प्राइवेट में उसका एडमिशन कराने जा रहे हैं तो कृपया ध्यान दें। आपकी एक छोटी सी गलती आपको और आपके बच्चे को परेशानी में डाल सकती है। मुरैना के विनोद कुमार जाटव इन दिनों काफी परेशान हैं और न्याय पाने के लिए पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं। 

प्राइवेट इंस्टिट्यूट किस प्रकार की जालसाजी कर सकते हैं

मुरैना के विनोद कुमार जाटव ने सेना में भर्ती होने के लिए मर्चेंट नेवी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिल्ली में संचालित एक इंस्टीट्यूट में एडमिशन लिया था। विनोद कुमार का सिलेक्शन तो नहीं हुआ लेकिन उसके कुछ सालों बाद जब विनोद कुमार ने अपना घर बनाने के लिए होम लोन अप्लाई किया तो उसे पता चला कि उसके नाम पर उसके इंस्टिट्यूट द्वारा 5.60 लाख रुपए का एजुकेशन लोन निकाला जा चुका है। होम लोन से पहले उसे अपना एजुकेशन लोन चुकाना होगा। अब विनोद कुमार अपने घर का सपना छोड़कर अपने साथ हुई जालसाजी से निजात पाने के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहा है। 

प्राइवेट कोचिंग की जालसाजी से बचने के लिए क्या करें

बच्चों को पढ़ाने के लिए एडमिशन कराना तो जरूरी है और एडमिशन के लिए सभी डॉक्यूमेंट भी जमा करने पड़ते हैं परंतु सिर्फ एक सावधानी इस प्रकार की समस्या से बचा सकती है। कोचिंग और इंस्टिट्यूट वाले डॉक्यूमेंट की फोटो कॉपी बच्चे के ओरिजिनल सिग्नेचर करवाते हैं। उस समय केवल इतना करना है कि डॉक्यूमेंट के खाली स्थान पर सिग्नेचर नहीं करना ऐसी जगह पर करना है जिसका बैकग्राउंड प्लेन व्हाइट ना हो। जहां से सिग्नेचर को कॉपी करके निकाला ना जा सके। दूसरी बात सिग्नेचर के ऊपर only for admission, only for examination इस प्रकार के वाक्यों से अपने सिग्नेचर का उद्देश्य स्पष्ट कर दें और फिर निश्चिंत हो जाइए। 

जब आपको होम लोन चाहिए तब होम लोन मिलेगा, एजुकेशन लोन का तनाव नहीं मिलेगा। 

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