JABALPUR NEWS- गोरखपुर थाना प्रभारी सहित 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश

जबलपुर। 
मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग के कटनी जिले में नकली पान मसाला के मामले में न्यायालयीन सुनवाई के दौरान प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कटनी ने पुलिस जांच दल के विवेचना अधिकारी व उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच संस्थित कर उचित कार्यवाही कर 15 दिन के अंदर न्यायालय को सूचित करने के आदेश दिए है। इसके साथ ही आदेश में यह टिप्पणी की है कि जांच अधिकारियों को विधि का ज्ञान नीं है। 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है वर्तमान में जबलपुर के गोरखपुर थाना प्रभारी SPS बघेल, निरीक्षक अजय सिंह व रंजीत सराठे सहित अन्य गवाहियां हुई है, लेकिन ये सभी एक भी ऐसा साक्ष्य प्रस्तुत नही कर सके। ताकि मामले से जुड़े आरोपियों पर दोष सिद्ध हो सके। विवेचना अधिकारियों ने कोर्ट के सामने दिए कथनों में यह स्वीकार किया है कि उन्होने जब्त किया गया माल नष्ट कर दिया। जिससे कोर्ट के समक्ष साक्ष्यों के रुप में नकली पान मसाला प्रस्तुत नही किया जा सका। कोर्ट ने पुलिस टीम के इस रवैए को गंभीर लापरवाही माना। 

कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात पाया कि जांच दल ने सिर्फ विमल पान मसाला कंपनी के प्रतिनिधियों के कहने से ही यह मान लिया कि बरामद किया गया पान मसाला नकली है। आरोपीगण डमी व्यापार कर रहे है। जबकि न्यायालय के सामने स्वयं कपनी के प्रतिनिधि विजय प्रकाश श्रीवास्तव ने स्वीकार किया है कि वे असली व नकली की जांच करने में विशेषज्ञ नहीं है। विवेचना अधिकारी अजय सिंह ने अपने कथन में बाया कि उन्होने मौके से बरामद किए मा कोर्ट के आदेश के अनुसार  ल को नियमानुसार परीक्षण के लिए नहीं भेजा था।

कोर्ट ने कहा

विवेचना दल में शामिल निरीक्षक एसपीएस बघेल व अन्य ने लापरवाही से काम लिया है. बिना अग्रिम विवेचना के अपराध की आवश्यकता को समझे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने सिर्फ औपचारिकता पूरी करते हुए अभियोग न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया। तीनों ही विवेचना अधिकारियों को विधि का ज्ञान नहीं है।अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रजनीश सोनी ने पैरवी की। वहीं आरोपीगणों की ओर से अधिवक्ता संदीप नायक, राजीव अग्रिहोत्री, व श्रीरामजी ने पक्ष प्रस्तुत किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कटनी पल्लवी द्विवेदी ने नकली पान मसाला निर्माण से जुड़े एक प्रकरण में आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए मामले में लापरवाही पूर्वक त्रुटिपूर्ण जांच करने वाले अधिकारियों निरीक्षक एसपीएस बघेल (तात्कालीन थाना प्रभारी), निरीक्षक अजय सिंह व रंजीत सराठे के खिलाफ जांच के आदेश दिए है।