मुख्यमंत्री के बयान से दुखी आउटसोर्स कर्मचारियों को इंटक का समर्थन- MP NEWS

Bhopal Samachar
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ग्वालियर
। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों भोपाल में आयोजित ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रति नेगेटिव कमेंट किया था। इस बात से मध्य प्रदेश के सभी आउटसोर्स कर्मचारी दुखी हैं और विभिन्न माध्यमों से अपना दुख प्रकट कर रहे हैं। इंटक की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों का समर्थन किया गया है। 

मध्य प्रदेश संविदा ठेका श्रमिक कर्मचारी संघ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एल.के.दुबे ने मुख्यमंत्री के उस बयान की निंदा की है, जिसमें कहते नजर आ रहे हैं कि विद्युत व्यवस्था को आउटसोर्स, फलासोर्स, डीमका सोर्स बिगाड़ रहे है। दुबे ने कहा कि यह अमर्यादित टिप्पणी प्रदेश के मुखिया को कहना शोभा नही देता है। संगठन इस तरह के टिप्पणी की कड़ी निंदा करता है। 

भोपाल में आयोजित ऊर्जा संरक्षण कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान मुख्य मंत्री म.प्र.शासन द्वारा उद्बोधन दिया गया था। जिसकी वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से मिली है वीडियों में मुख्य मंत्री द्वारा विद्युत कम्पनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को तिरस्कार करते हुए यह बोला गया। दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहता है कि आज पूरे मध्य प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में यदि किसी वर्ग की भूमिका है, तो वह केवल आउटसोर्स आउटसोर्स आउटसोर्स कर्मचारी की ही भूमिका है। 

जिसका सबसे अधिक शोषण दोहन सरकार द्वारा ही किया जा रहा है। उन्हे आज न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत वर्ष 2014 का ही न्यूनतम वेतन मात्र 8 से 10 हजार दिये जारहे है और यह न्यूनतम वेतन वर्ष 2019 में पुनिरीक्षित होना था परन्तु सरकार द्वारा आज तक उनका वेतन पुनरिक्षित नही किया।

संगठन का माननीय मुख्य मंत्री से यह प्रश्न है कि आपका ऐसा कौन सा अर्थ शास्त्र है जो इस मंहगाई के युग में इतने कम वेतन में अपना परिवार चला सकते है? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि आउटसोर्स कर्मचारी से श्रम कानूनों का उलंघन करते हुए 10 से 12 घण्टे काम लिया जाता है और उनको सप्ताहिक अवकाश की पात्रता होते हुए भी व्यवहारिक रूप से उन्हे वह प्रदान नही किया जाता है। कार्य के दौरान सबसे अधिक विद्युत दुर्घटनाएं भी इन्ही कर्मचारियों के साथ होती है और काल कवलित होने पर सरकार मात्र चार लाख रूपये देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है।

मुख्यमंत्री से संगठन इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी जिसके कारण आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेस पहुंची है, वापस लेने की मांग करता है साथ ही विद्युत कम्पनियों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को संविलियन कर नियमित किया जाए एवं विद्युत विभाग में ठेका प्रथा बंद की जाए।
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