BHOPAL NEWS- नगर निगम की पहली बैठक में भोपाल की पहचान मिटाने वाला हंगामा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल नगर निगम परिषद की पहली बैठक में भोपाल की पहचान मिटाने वाला हंगामा हुआ। पार्षद, एजेंडे पर चर्चा के मूड में ही नहीं थे। दबाव बनाने और चेहरा चमकाने की राजनीति सदन के भीतर दिखाई दी। जब तक दर्शक दीर्घा में मीडिया के कैमरे से तब तक बढ़ा हुआ टैक्स वापस लेने और शहर को 21 जोन में बांटने के प्रस्ताव का जबरदस्त विरोध किया गया। जैसे ही कैमरे बंद हुए, सब अपने घर चले गए।

कांग्रेस पार्टी के पार्षदों ने महापौर का भाषण तक नहीं होने दिया

भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्टी के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने महापौर का भाषण ही नहीं होने दिया और जोन समितियों के एजेंडे का विरोध करना शुरू किया। इसके बाद पार्षद मो. सगीर, अजीजउद्दीन, योगेंद्र सिंह गुड्‌डू चौहान समेत सभी पार्षद भी मैदान में कूद गए। वे हाथों में पोस्टर लेकर अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। जवाब में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद भी हंगामा करने लगे।

भोपाल नगर निगम परिषद के अध्यक्ष हंगामा कंट्रोल नहीं कर पाए

एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, मनोज राठौर, राजेश हिंगोरानी ने महापौर के भाषण शुरू होने के पहले ही इस तरह से हंगामा करने की परंपरा को गलत बताया। भोपाल नगर निगम परिषद के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी हंगामा कर रहे पार्षदों को समझाने में विफल रहे और कुछ देर बाद सदन से वाकआउट कर गए जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई।

भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में हंगामा ही लक्ष्य था

करीब 20 मिनट के बाद शुरू हुई सदन की कार्रवाई की शुरुआत में कांग्रेस ने माइक बंद होने पर आपत्ति जताई। इसके बाद वे फिर से अध्यक्ष की आसंदी के सामने पहुंच गए। वे जोन समितियों के एजेंडे पर अड़े थे। इसी बीच MIC मेंबर यति ने नियम बताना शुरू किया तो दूसरी ओर कांग्रेसी पार्षद अध्यक्ष सूर्यवंशी को टैक्स, लाइसेंस फीस आदि को लेकर अपनी बात कह रहे थे। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने पार्षदों को समझाइश दी, लेकिन पार्षदों ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद वे अध्यक्ष की कुर्सी के सामने धरने पर बैठ गए। कुल मिलाकर परिषद की पहली बैठक में पार्षदों का लक्ष्य एजेंडे पर चर्चा करना नहीं था बल्कि हंगामा करना ही था।

भोपाल नगर निगम में जोन समितियों के चुनाव की तारीख जल्द घोषित होगी

हंगामे के बीच महापौर मालती राय को मैदान में आना पड़ा। उन्होंने जोन समितियों के चुनाव को लेकर चर्चा शुरू की। उन्होंने अध्यक्ष से मांग की कि जोन समितियों के चुनाव की तारीख जल्द घोषित करें। उन्होंने MIC मीटिंग में लिए गए निर्णय को अमल में लाने की बात भी कही। महापौर का भाषण खत्म होने के बाद फिर से हंगामा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष जकी ने प्रापर्टी और जल कर बढ़ाने का विरोध जताया। टैक्स बढ़ाने को लेकर MIC मेंबर यति ने पक्ष रखा। इसी मुद्दे पर दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने हो गए। कांग्रेसी पार्षदों ने तीसरी बार अध्यक्ष की कुर्सी घेर ली। कांग्रेसी पार्षद टैक्स वृद्धि वापस लेने पर अड़े थे। 'तानाशाही नहीं चलेगी'... जैसे नारे भी लगाए। 

नोट करने वाली बातें की नगर निगम परिषद की बैठक बिना चर्चा के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाने के बाद कांग्रेस पार्टी के पार्षदों एवं नेता प्रतिपक्ष ने भी हंगामा बंद कर दिया और अपने अपने घरों को चले गए। बढ़ाई गई टैक्स को वापस लेने के लिए कोई प्रदर्शन, अनशन या अभियान शुरू नहीं किया गया।