PWD BHOPAL NEWS- एक इंजीनियर सस्पेंड, दो के खिलाफ डिपार्टमेंटल इंक्वायरी

भोपाल
। पहली बरसात में भोपाल जबलपुर 8 लेन नेशनल हाईवे पर बने समरधा पुल के नजदीक 2 लेन पानी में बह गई। बाकी बची 2 लेन उपयोग के लायक नहीं रह गई। कुल मिलाकर 8 लेन का हाईवे 4 लेन रह गया। पत्रकारों ने हंगामा किया तो लोक निर्माण विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव ने प्रबंधक (इंजीनियर) श्री एस.पी. दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर तत्कालीन जिला प्रबंधक श्री पवन अरोड़ा और सहायक महाप्रबंधक श्री डी.के. जैन (सेवानिवृत्त) के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। 

सीडीएस इण्डिया लिमिटेड द्वारा बनाया गया पुल पहली बरसात में गिर गया

पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर पंडित गोपाल भार्गव ने पुल की डिजाइन एवं निर्माण करने वाली कम्पनी सीडीएस इण्डिया लिमिटेड तथा प्रोजेक्ट कंसलटेंट थीम इंजीनियर को ब्लेक-लिस्टेड करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण क्षति की पूर्ति संबंधित निर्माण एजेंसी से कराई जायेगी। प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री नीरज मण्डलोई ने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त होने पर वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर भेजी गई है। 

IIT ROORKEE करेगी भोपाल के समरधा पुल घोटाले की जांच

प्रमुख सचिव ने दावा किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात निर्बाध रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 8 लेन के स्थान पर 4 लेन से वाहनों की आवाजाही बहाल की गई है। उन्होंने घटना की समीक्षा के दौरान सम्पूर्ण मार्ग पर निर्मित संरचनाओं की जाँच IIT ROORKEE रूड़की से 2 माह में कराये जाने के निर्देश प्रबंध संचालक रोड डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन को दिये हैं।

प्रबंध संचालक रोड डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन श्री शशांक मिश्रा ने बताया कि भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-12 पर गौहरगंज से भोपाल के मध्य फोरलेन सड़क मार्ग के निर्माण के लिये 48.71 किलोमीटर की लम्बाई का कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा भारत शासन से प्राप्त स्वीकृति एवं व्यय पर वर्ष 2017 में अनुबंधित किया गया था। इस मार्ग पर 3 बायपास, 4 ग्रेड सेपरेटर, 5 अंडरपास, 3 बड़े पुल, 13 छोटे पुल तथा 32 पुलियाएँ निर्मित की गई थी। यह कार्य मई-2021 में पूर्ण किया गया था। इस कार्य की निर्माण एजेंसी सीडीएस इण्डिया प्रा.लि. नई दिल्ली थी तथा इसके अथॉरिटी इंजीनियर थीम इंजीनियर सर्विसेस जयपुर नियुक्त थे। विभाग द्वारा थीम इंजीनियरिंग कम्पनी द्वारा गत 5 वर्ष में प्रदेश में किये गये सभी निर्माण कार्यों के तकनीकी ऑडिट किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

श्री मिश्रा ने बताया कि विगत कुछ दिनों से भोपाल और आसपास के क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा एवं 24 जुलाई, 2022 की रात कलियासोत बाँध के गेट खोले जाने से पानी के अप्रत्याशित बहाव के फलस्वरूप कलियासोत नदी पर बने वृहद पुल की अप्रोच सर्विस रोड के किनारे बनाई गई लगभग 40 मीटर लम्बी सुरक्षा दीवार खिसकने से गिर गई, जिससे एक तरफ की सर्विस लेन का कटाव हो गया। वर्तमान में पुल को कोई क्षति नहीं हुई है। 

उन्होंने बताया कि वर्तमान में पानी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 25 हजार बोरी रेत भर कर कटाव की पिचिंग का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण कार्य की मरम्मत और पुनर्निर्माण किये जाने में लगभग 4 माह का समय लगेगा। यह सम्पूर्ण कार्य ठेकेदार कम्पनी मेसर्स सीडीएस इण्डिया लिमिटेड और पाइल फाउण्डेशन द्वारा शत-प्रतिशत अपने व्यय पर किया जायेगा।