बच्चों की किडनैपिंग पर कितने प्रकार की सजाएं मिलती है, जानिए JJ act, 2015 की धारा 84

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 359 किडनैपिंग अर्थात व्यपहरण की परिभाषा बताती है जो इस प्रकार है किसी बालक जो 18 वर्ष से कम आयु का हैं उसको अगवा करना व्यपहरण का अपराध होता है एवं संहिता की धारा 360 भारत में अवयस्क नागरिकों को किडनैप करने वाले अपराधी को दंडित करता है। 

इसी प्रकार आईपीसी की धारा 361 किसी विधिक संरक्षण से नाबालिग बच्चों को किडनैप करने वाले को दोषी ठहरती है अर्थात ऐसे बच्चों की किडनैप करना जो किसी बाल गृह में हो या मानसिक रूप से निःशक्त हो और किसी विधिक संरक्षण में हो। इस अपराध को किशोर न्याय (बालकों की देख रेख संरक्षण) अधिनियम में भी एक अपराध के रूप में परिभाषित किया गया है जानिए।

किशोर न्याय (बालकों की देख रेख संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 84 की परिभाषा

कोई भी व्यक्ति किसी किशोर बालक का व्यपहरण करेगा तब ऐसे व्यपहरण(किडनैपिंग) करने वाले व्यक्ति को निम्न प्रकार से दण्डित किया जाएगा:-
1. सामान्य किडनैपिंग करने पर अधिकतम सात वर्ष की कारावास एवं जुर्माना से दण्डित किया जाएगा।
2.बालको को भीख मंगवाने के लिए किडनैपिंग करने पर अधिकतम दस वर्ष की कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।
3. हत्या करने के लिए किडनैपिंग करने पर आजीवन कारावास जो दस वर्ष के कठिन कारावास से कम नहीं होगी एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा।
4. फिरौती (हत्या करने की धमकी या अवैध कार्य करवाने) के लिए बालको को किडनैपिंग करने पर मृत्यु दण्ड या आजीवन कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। 

नोट:-  शिशु को शारीरिक कष्ट पहुचाने के बदले संपत्ति की मांग करने वाले को सात वर्ष की कारावास और जुर्माना से दण्डित किया जाएगा।

5. किसी बालक को गुप्त स्थान पर छुपा कर रखने मात्र पर अधिकतम सात वर्ष की कारावास और जुर्माना से दण्डित किया जाएगा।

व्यपहरण एवं अपहरण में अंतर

बहुत से व्यक्ति आज तक नहीं समझते हैं कि व्यपहरण एवं अपहरण हैं क्या। सामान्य शब्दों में कहे तो व्यपहरण (किडनैपिंग) का अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति किशोर (18 वर्ष से कम आयु के नागरिक) को अगवा करता है तब व्यपहरण का अपराध होगा एवं अपहरण (abduction) का अपराध किसी 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को अगवा करना अपहरण होता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)
:- लेखक बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665
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