REAL INSPIRATIONAL STORY ने IAS बना दिया, सोनल तो कंपनी सेक्रेटरी बनकर भी खुश थी

कहते हैं कि जिंदगी में सफलता के लिए प्रेरणादायक साहित्य और कहानियां पढ़ना बहुत जरूरी है। कुछ लोग इस सिद्धांत का मजाक भी उड़ाते हैं परंतु यूपीएससी 2007 ऑल इंडिया 13th रैंक, सोनल गोयल की कहानी यह साबित करती है कि एक REAL SUCCESS STORY आपको सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है। 

REAL SUCCESS STORY- एक आर्टिकल ने लाइफ का टारगेट चेंज कर दिया

सोनल गोयल मूल रूप से पानीपत, हरियाणा की रहने वाली हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन की डिग्री कंप्लीट की थी। इसके बाद कंपनी सेक्रेटरी की डिग्री प्राप्त कर ली और कॉमर्स के स्टूडेंट के लिए यह अपने आप में सफलता का एक शिखर होता है। सब कुछ बढ़िया चल रहा था लेकिन कंपनी सेक्रेटरी की पढ़ाई के दौरान ही सोनल गोयल ने एक आर्टिकल पढ़ा जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के बारे में बताया गया था। 

SUCCESS STORY for STUDENTS- पहले पापा का सपना पूरा किया फिर अपना

सोनल ने डिसाइड किया कि वह भी UPSC की परीक्षा में पार्टिसिपेट करेगी। जब उसने अपने पिता को इसके बारे में बताया तो उन्होंने CS के साथ UPSC की परमिशन नहीं दी। शायद वह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी का फोकस डिस्टर्ब हो जाए। सोनल ने बगावत नहीं की। सबसे पहले CS की पढ़ाई पूरी की और कंपनी सेक्रेटरी का जॉब शुरू कर दिया। फिर पापा को LLB के लिए कन्वेंस किया। 

MOTIVATIONAL STORY in HINDI- फर्स्ट अटेम्प्ट में फेल, सेकंड अटेम्प्ट में IAR 13th RANK

कंपनी सेक्रेटरी की जॉब और दिल्ली यूनिवर्सिटी से LLB के साथ-साथ सोनल ने UPSC की तैयारी शुरू की। सन 2006 में पहली बार UPSC के लिए पार्टिसिपेट किया परंतु सफलता नहीं मिली, लेकिन फर्स्ट चांस में सोनल वह सारी बातें समझ गई थी, जिसे समझने और समझाने में कुछ लोगों की पूरी जिंदगी चली जाती है। सेकंड चांस 2007 में सोनल ने कंपनी सेक्रेटरी की तरह हिसाब किताब के साथ UPSC की पढ़ाई की और ऑल इंडिया 13th रैंक हासिल की। 

सोनल गोयल, आज भारत में कॉन्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए प्रेरणादायक कहानी बनी हुई है। सन 2018 से सोनल गोयल, एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर भारत की सेवा कर रही है।

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