पिता मोटर वाइंडिंग करते हैं, बेटा कलेक्टर बनकर सिस्टम ठीक करेगा - REAL INSPIRATIONAL STORY

भोपाल।
UPSC CIVIL SERVICES (MAIN) EXAMINATION, 2020 के सफल छात्रों की लिस्ट में मध्य प्रदेश के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के नाम है। इनमें से एक है विशाल धाकड़। विशाल के पिता कमरलाल धाकड़ मध्य प्रदेश के गुना शहर में मोटर वाइंडिंग का काम करते हैं और अब उनका बेटा विशाल धाकड़ सिस्टम को ठीक करने का काम करेगा। आईएएस की ट्रेनिंग के बाद कलेक्टर बनेगा।

गुना शहर में कमरलाल धाकड़ की छोटी सी मोटर वाइंडिंग की दुकान है। कल तक इस परिवार को कोई नहीं जानता था और आज शहर के लोग गर्व के साथ सोशल मीडिया पर बता रहे हैं कि विशाल धाकड़ गुना का रहने वाला है। पिता कमरलाल धाकड़ बताते हैं कि विशाल धाकड़ शुरू से ही पढ़ाई में होशियार था परंतु कक्षा 11 में उसने अपना गोल सेट करने में गलती कर दी थी। उसने अपने लिए बायोलॉजी विषय चुना, क्योंकि उसकी बहन भी बायोलॉजी से पढ़ाई कर रही थी। परंतु जल्द ही उसे पता चल गया कि उसके अंदर डॉक्टर बनने के गुण नहीं है। शायद भगवान ने उसकी किस्मत में डॉक्टर नहीं कलेक्टर बनना लिखा था। 

12वी में 92 प्रतिशत होने के बाद विशाल धाकड़ उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चला गया। दिल्ली यूनिवर्सिटी से उसने BA और MA की डिग्री हासिल की। एंट्रेंस एग्जाम में टॉप किया था इसलिए उसे सरकारी हॉस्टल मिला। पैसे की बचत हुई तो यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली लेकिन विशाल धाकड़ ने हिम्मत नहीं हारी। माइंडसेट क्लियर किया और अपना फोकस सरकारी नौकरी से हटाकर यूपीएससी पर सेट कर लिया। पढ़ाई का एक सिस्टम बन जाने के कारण दूसरे प्रयास में विशाल धाकड़ को सफलता मिल गई। 

गुना का विशाल धाकड़ अब आईएएस अफसर है। जल्द ही ट्रेनिंग पूरी करके आएगा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के विभिन्न पदों पर रहते हुए सिस्टम को सुधारने का काम करता हुआ दिखाई देगा।

MORAL OF THE STORY 

मोरल ऑफ द स्टोरी यह है कि पढ़ाई के लिए विषय का चुनाव परिवार, पास पड़ोसी अथवा दोस्तों को देखकर नहीं करना चाहिए बल्कि अपने अंदर मौजूद क्वालिटी को पहचानने की कोशिश करना चाहिए। मेहनत सभी विद्यार्थी करते हैं परंतु सफलता के शिखर पर केवल वही पहुंचता है जो सही दिशा में नियमित रूप से परिश्रम कर रहा हो।

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