MPPSC NEWS- 2020 के नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, सागौन के नंबर सबको मिलेंगे

Madhya Pradesh Public Service Commission
Indore के विद्वानों ने एक बार फिर मैनेजमेंट और कैंडिडेट्स को परेशानी में डाल दिया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट, जबलपुर ने आदेश दिया है कि सागौन वाले सवाल के नंबर (19% और 30%) दोनों उम्मीदवारों को दिए जाएं। इसी के साथ 30% वाले उम्मीदवारों का रिजल्ट बदल जाएगा और उनके एडमिट कार्ड जारी होंगे। 

MPPSC 2020 HIGHCOURT NEWS- गलती सरकार की, परेशान कैंडीडेट्स हुए 

दरअसल गलती सरकार की है। सरकार के साथ-साथ राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 का पेपर बनाने वाले विद्वान की भी गलती है। ऐसे सवाल पूछे ही नहीं जानी चाहिए जिनके उत्तर विवादित हो। पेपर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के स्वयंभू विद्वान ने पूछा कि मध्यप्रदेश में सागवान का वन क्षेत्र कितना है। मजेदार बात है कि वैकल्पिक उत्तर में 19% के साथ 30% का विकल्प भी दिया गया। 

मध्य प्रदेश के सरकारी दस्तावेजों में सागौन के जंगल 19% और भारत सरकार के दस्तावेजों में 30% दर्ज हैं। कुछ उम्मीदवारों ने अपने उत्तर में 30% बताया। एमपीपीएससी के कंप्यूटर महाशय ने 30% उत्तर बताने वालों को गलत घोषित कर दिया। उम्मीदवारों ने एमपीपीएससी के सामने अभ्यावेदन प्रस्तुत किया। अपने पक्ष के समर्थन में केंद्र सरकार के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। विवाद यहीं खत्म हो जाता यदि MP PSC मैनेजमेंट न्याय पूर्ण निर्णय लेता परंतु आयोग तो जिद्दी है, उम्मीदवारों की अभ्यावेदन अस्वीकार कर दिए। 

MP PSC राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020- हाई कोर्ट का निर्णय

न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने फैसला सुनाया कि 19% और 30% दोनों उत्तर देने वाले उम्मीदवारों को अंक मिलने चाहिए क्योंकि दोनों का सोर्स सरकारी दस्तावेज हैं। इसी के साथ हाईकोर्ट ने आदेशित किया कि इस प्रश्न का अंक मिलने के बाद यदि कोई उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए पात्र हो जाता है तो तत्काल उसका एडमिट कार्ड और हॉल टिकट जारी किया जाए। कोर्ट ने रजिस्ट्रार न्यायिक को निर्देश दिए हैं कि आदेश की एक प्रति तत्काल ई-मेल द्वारा पीएससी को भेजें। उच्च शिक्षा, सरकारी और प्राइवेट नौकरी एवं करियर से जुड़ी खबरों और अपडेट के लिए कृपया MP Career News पर क्लिक करें.