MP NEWS- स्कूल शिक्षा विभाग को मध्य प्रदेश बजट में क्या मिला, पढ़िए

Madhya Pradesh Budget 2022-23 for school education department

भोपाल। मध्यप्रदेश की विधानसभा में आज अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट प्रस्तुत किया गया। इसी के आधार पर सरकारी विभागों में अगले 1 साल तक काम काज होंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि उनका पूरा फोकस शिक्षा और चिकित्सा पर है। आइए पढ़ते हैं स्कूल शिक्षा विभाग यानी प्राइमरी और मिडिल एजुकेशन को मध्यप्रदेश में क्या मिला। 

  • अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 350 का प्रावधान। यानी अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं होगा। रिक्त स्थानों पर नियमित शिक्षकों की भर्ती भी नहीं होगी। 
  • पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक तथा संविदा शाला शिक्षकों के वेतन एवं मानदेय हेतु 300 करोड़ का प्रावधान। 
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  • सरकारी स्कूल, हॉस्टल, लाइब्रेरी, बोर्डिंग स्पोर्ट्स भवनों का निर्माण एवं विस्तार के लिए 235 करोड़ का प्रावधान। यानी कि सीएम राइज स्कूल को छोड़कर अगले 1 साल सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और मरम्मत के लिए पैसा बहुत कम रहेगा। 

  • प्राइवेट अनुदान प्राप्त शालाओं के लिए 200 करोड़ का प्रावधान। 
  • आम जनता से वसूले गए शिक्षा उपकर (जो बिजली के बिल में भी जुड़ा होता है) से ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालयों का मेंटेनेंस एवं रिनोवेशन के लिए 166 करोड़ का प्रावधान। 
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  • निर्धन बच्चों को निशुल्क कॉपी किताबों के लिए 109 करोड़ का प्रावधान। 
  • हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रयोगशाला और क्लासरूम मेंटेनेंस के लिए 100 करोड़ का प्रावधान। 
  • सरकारी प्राइमरी स्कूलों की स्थापना ओं के लिए 10345 करोड़ का प्रावधान। 

  • मिडिल स्कूलों के लिए 6212 करोड़ का प्रावधान। 
  • समग्र शिक्षा अभियान के लिए 3908 करोड़ का प्रावधान। 
  • गवर्नमेंट हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए 3160 करोड़ का प्रावधान। 
  • सीएम राइज स्कूलों के लिए 855 करोड़ का प्रावधान। 
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  • स्कूल शिक्षा विभाग की प्रॉपर्टी के मेंटेनेंस हेतु 457 करोड़ का प्रावधान। 
  • RTE- शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों को ट्यूशन फीस देने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान। मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए कृपया mp news पर क्लिक करें.