MPTET VARG 3 TOPIC- आलोचनाएं: जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की

Criticism Of Jean Piaget's Cognitive Development Theory

जैसा कि हम ने अपने पिछले आर्टिकल से जाना कि Jean piaget ने बच्चों को अपने ज्ञान निर्माण स्वयं करने वाला बताया। उन्होंने बच्चे के विकास पर उसके भौतिक पर्यावरण, आनुवांशिकता का महत्व भी बताया। उनकी यह थ्योरी काफी हद तक मान्य है परंतु इसकी कुछ आलोचनाएं भी हैं। 

1. जीन पियाजे ने समाज और संस्कृति के महत्व को बिल्कुल नकार दिया। 
2. चूंकि उन्होंने अपने प्रयोग अपने खुद के तीन बच्चों पर ही किए इसलिए यह सर्वमान्य नहीं माने जा सकते। 
3. देश, काल एवं परिस्थिति के अनुसार बच्चों की विकास की गति भी प्रभावित हो जाती है। 
4. Libido को बहुत अधिक महत्व दिया जिसके कारण उनकी थ्योरी का काफी विरोध भी हुआ। 
5.कुछ मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिद्धांत वस्तुनिष्ठ ना होकर व्यक्ति निष्ठअधिक है। 
6. समाज और संस्कृति को महत्व न देने के कारण उसकी ने उनके विचारों का खंडन किया।

शैक्षणिक आशय- Educational implication

परंतु इन सब आलोचनाओं के बाद भी जीन पियाजे की थ्योरी सबसे अधिक मान्य है। शैक्षणिक रूप से भी इसका काफी महत्व है क्योंकि इसमें बच्चों को अपने ज्ञान का सक्रिय निर्माण करने वाला (Active Builders of Knowledge) बताया है। पियाजे की थ्योरी इस बात पर भी महत्व देती है कि बच्चों का पाठ्यक्रम उनकी रूचि के अनुसार ही होना चाहिए। बच्चे उन्होंने बच्चों को नन्हे वैज्ञानिक कहा है इसलिए शिक्षक को बच्चों को इस तरीके के मौके देना चाहिए जिससे कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं कर सकें।
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