दिल खोलकर कीजिए जिंदगी के बदलाव का स्वागत- life management

Bhopal Samachar
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Motivational article in Hindi

शक्ति रावत। आज साल का आखरी दिन है, कल से एक नया साल शुरू हो जाएगा। 2022 यानि परिवर्तन। दरअसल परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यहां हर चीज हर पल बदल रही है। बदलाव का यही नियम जीवन पर भी लागू है। जीवन भी रोज बदलता जाता है, हालांकि हमें उस परिवर्तन को देखने में वक्त लगता है, लेकिन आज आप वही नहीं है, जो कल थे, इंसान परिवर्तन से डरता है, लेकिन जीवन में टिक वही पाता है, जो खुद को बदलने में सक्षम होता है। ऐसा इंसान समय के साथ खुद को बदलकर हमेशा सफलता की राह पर बना रहता है। इसलिये आज बात बदलाव कि यह कैसे होता है, और क्यों है, जरूरी।

1- अपनी ऊर्जा परिवर्तन में लगाइए 

पुराने रास्तों पर चलकर जीवन में नये दरवाजे नहीं खोले जा सकते। इसलिये सुकरात ने ठीक कहा है कि अपनी सारी ऊर्जा परिवर्तन के लिए लगाइए। इसलिये नहीं कि पुराने को हटाना है, बल्कि इसलिये कि नया बनाना है। इस बदलाव के दौर में कभी-कभी आपको लगता है, कि आप अंधेरे में चले जा रहे हैं, रोशनी तो कहीं दिखती नहीं, लेकिन यह प्रक्रिया का हिस्सा ही है, एक बीज जब जमीन में दबा होता है, तब अंधेरे में ही होता है, लेकिन जब वह पेड़ बनता है, तो सब उसे देखते हैं, यह परिवर्तन से ही संभव होता है, बीज अपनी पूरी ताकत पेड़ बनने के लिए लगाता है। 

2- परिवर्तन बिना प्रगति संभव नहीं

जार्ज वर्नाड शॉ ने कहा है कि परिवर्तन के बिना प्रगति संभव नहीं है, क्योंकि जो लोग अपने विचार नहीं बदल सकते वे कुछ नहीं बदल सकते। आपको यह खयाल छोडऩा पड़ेगा कि जिंदगी की खूबसूरत चीजें और सफलता खुद चलकर आपकी कंफर्ट जोन में आएंगी। इनके लिए तो आपको ही बाहर निकलना होगा और जरूरी बदलाव भी करने होंगे।

3- वही मिलेगा जो हमेशा मिलता आया है

हेनरी फोर्ड ने बदलाव के संबध में खूब कहा है कि अगर आप वही करेंगे जो हमेशा करते आए हैं, तो आपको हर बार वही मिलेगा जो हमेशा मिलता आया है। इसलिये अगर कुछ अलग हासिल करना चाहते हैं, तो कुछ अलग करना भी सीखिए। इस मामले में चार्ल्स डार्विन की बात भी कीमती है, वे कहते हैं, कि यह जरूरी नहीं कि आप हमेशा मजबूत और बुद्विमान बने रहें, लेकिन अगर आप स्वंय को बदलने में सक्षम हैं, तो आप हमेशा मैदान में बने रहेंगे। हम हमेशा किसी भी चीज की खूबसूरती को तो देखते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि कितने बदलाव से गुजरकर वह चीज ऐसी बनी। बिना बदलाव के विकास संभव नहीं इसलिये सहर्ष बदलाव को स्वीकार करें और जीवन में आगे बढ़ें। - लेखक मोटीवेशनल एंव लाइफ मैनेजमेंट स्पीकर हैं।
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