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यदि कोई पहचान छुपाकर धमकी देता है तो क्या सजा मिलेगी - LEARN IPC SECTION 507

कभी-कभी हमारे साथ ऐसी घटनाएं होती रहती है कि कोई अनजान व्यक्ति हमे संदेश भेजकर धमकी देता है या कोई अज्ञात व्यक्ति कॉल करता है कि अगर आप उसके बताए गए अवैध कार्य को नहीं करोगे तो वह आपको गंभीर चोट पहुंचाएगा या आपकी हत्या कर देगा। कभी-कभी पुलिस ऐसे मामलों को दर्ज नहीं करती, पुलिस अधिकारी कोशिश करता है कि फरियादी अपने स्तर पर मामले की जांच करके आरोपी का नाम एवं पहचान पता करें इसलिए फरियादी से कह दिया जाता है कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा दी गई धमकी का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता, ऐसी स्थिति में आपको अपने आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए कि कृपया भारतीय दंड संहिता की धारा 507 के तहत मामला दर्ज करें। मध्यप्रदेश में ऐसी धमकी के लिए पुलिस सीधे FIR दर्ज कर सकती है।

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की 507 की परिभाषा:-

अगर किसी व्यक्ति को अनजान व्यक्ति द्वारा कोई धमकी भरा संदेश, सूचना, लिफाफा, गुलदस्ता में पर्ची आदि प्राप्त होती है तब ऐसे अनजान व्यक्ति पर धारा 507 के अंतर्गत मामला दर्ज होगा। 

भारतीय दण्ड संहिता,1860 की धारा 507 के अंतर्गत दण्ड का प्रावधान:-

इस धारा के अपराध किसी भी प्रकार से समझौता योग्य नहीं है, यह असंज्ञेय एवं जमानतीय अपराध होते हैं। इनकी सुनवाई का अधिकार प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट को होता है।
सजा- इस अपराध में दो प्रकार की सजा होती है
1. दो वर्ष की सजा के अतिरिक्त धारा 506 में मिलने वाली सात वर्ष की सजा भी। अर्थात 9 वर्षों की सजा का प्रावधान है।
नोट:- मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य संशोधन अधिनियम 12/03/1976 के अंतर्गत यह उपर्युक्त प्रदेश में संज्ञेय अपराध होते हैं। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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