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CBSE 10th वालों के लिए एक अच्छी और एक बुरी खबर - EDUCATION NEWS

CBSE - Central Board of Secondary Education
ने 10वीं हाई स्कूल के 1 विद्यार्थियों को राहत दी है जिन्होंने बेसिक मैथ्स का ऑप्शन चुना था और 11वीं में गणित को अपना मैन सब्जेक्ट बनाना चाहते हैं। पॉलिसी के अनुसार ऐसा नहीं हो सकता लेकिन बोर्ड ने इस साल स्टूडेंट्स को छूट दी है कि वह चाहे तो 11वीं में गणित को अपना मुख्य विषय बना सकते हैं। 

इस साल पुर्नमूल्यांकन की सुविधा नहीं मिलेगी

इसके साथ ही इस साल की बोर्ड परीक्षा इस पालिसी के तहत उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को वेरीफिकेशन ऑफ मार्क्स, उत्तर पुस्तिका की फोटोकापी और पुर्नमूल्यांकन की सुविधाएं नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि रिजल्ट स्कूल ही तैयार कर रहे हैं। स्कूलों में टेस्ट से लेकर प्री-बोर्ड तक की कापी छात्रों को दिखाई या दी जाती है। उन्हीं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही स्कूल रिजल्ट तैयार करेंगे।

पढ़िए किसे कितने नंबर मिलेंगे

कुल अंक : 100
इंटरनल असेस्मेंट : 20 अंक
एक्सटर्नल असेस्मेंट : 80 अंक
इंटर्नल असेस्मेंट : 20 अंक
सब्जेक्ट एनरिचमेंट : पांच अंक
मल्टीपस असेस्मेंट : पांच अंक
पीटी एक, दो व तीन का औसत : पांच अंक
पार्टफोलिया : पांच अंक
नोट : उक्त असेस्मेंट न होने पर स्कूल आनलाइन क्विज, प्रजेंटेशन व पोर्टफोलिया करा सकते हैं।
स्कूल द्वारा एक्सटर्नल असेस्मेंट : 80
पीरियोडिक टेस्ट-1 या यूनिट टेस्ट : 10 अंक
पीरियोडिक टेस्ट-2 या छमाही या मिड टर्म एग्जाम : 30 अंक
प्री-बोर्ड एग्जाम : 40 अंक
नोट : एक से ज्यादा टेस्ट होने पर वेटेज, एवरेज या बेस्ट परफार्मेंस ले सकते हैं।

स्कूल में 8 सदस्यों का बोर्ड रिजल्ट बनाएगा

कमेटी के चेयरमैन स्कूल के प्रिंसीपल होंगे। आंतरिक समिति में स्कूल के गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और दो भाषा शिक्षक होंगे। एक्सटर्नल कमेटी में निकटतम सीबीएसई स्कूल के दो शिक्षक होंगे। बाहरी शिक्षक एक-दूसरे स्कूल के नहीं होंगे। एक ही प्रबंधन के स्कूलों के शिक्षक नहीं होंगे। सीबीएसई भी दो वाह्य सदस्य समिति में दे सकती है।

रेफरेंस इयर से निकलेगा छात्रों का औसत

सभी स्कूल पिछली तीन बोर्ड परीक्षाओं में से एक रेफरेंस इयर चुनेंगे। तीनों सालों में सबसे अच्छे औसत को रेफरेंस इयर चुना जाएगा। यदि दो साल का ही डाटा उपलब्ध है तो दोनों में बेहतरीन औसत को रेफरेंस माना जाएगा। जिस स्कूल के पास एक ही साल का डाटा है उनका विवरण सीबीएसई खुद देगी।

रेफरेंस इयर से अधिक नहीं होगा औसत

साल 2021 में सभी पांच विषयों के लिए ओवरआल औसत अंक रेफरेंस इयर से अधिक नहींं होना चाहिए। विषयवार अंक में केवल दो अंक ऊपर-नीचे कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर रेफरेंस इयर में यदि गणित विषय का औसत 62 अंक रहा हो तो साल 2021 के रिजल्ट में भी छात्रों का गणित विषय का औसत 60 से 64 के बीच ही होना चाहिए। जिसने टेस्ट नहीं दिया उनके आनलाइन टेस्ट ले सकते हैंं। यदि किसी छात्र ने पांच से अधिक विषय लिए हैं तो बेस्ट तीन विषय के अंक लिए जा सकते हैं।

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