व्याख्याता की क्रमोन्नति पर विवाद, हाईकोर्ट ने DEO का आदेश स्थगित कर जवाब तलब किया - MP EDUCATION NEWS

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जबलपुर
। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग में राजपत्रित अधिकारी व्याख्याता का क्रमोन्नति आदेश जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया जा सकता है या नहीं, इस सवाल के जवाब के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने व्याख्याता के वेतन से वसूली के आदेश को स्थगित करते हुए वित्त विभाग से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक 6 से ज्यादा अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।

राजपत्रित अधिकारी के क्रमोन्नति आदेश का अधिकार: विवाद का विवरण

श्रीमती मीनू डेविड व्याख्याता (डाईट छिंदवाड़ा में पदस्थ) 30 वर्ष की निरंतर सेवाओं के पूर्ण होने पर, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 25/10/2017 के पालन में, जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें दिनाँक 15/05/2015 से तीसरी क्रमोन्नति का लाभ दे दिया गया था। 

राजनीति से प्रेरित शिकायत के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा श्रीमती डेविड को प्रदत्त तीसरी क्रमोन्नति का आदेश इस आधार पर निरस्त कर दिया गया था कि DEO को ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार नही है एवं वे सक्षम नही है। चूंकि श्रीमती डेविड राज्य शिक्षा केन्द्र की कर्मचारी हैं। तत्पश्चात डाईट प्रिंसिपल, छिंदवाड़ा द्वारा क्रमोन्नति निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया गया था एवं वेतन पुनर्निर्धारण हेतु पत्राचार किया गया। क्रमोन्नति निरस्त करने के कारण लाख रुपयों की वसूली भी वेतन से होनी थी। 

श्रीमती डेविड द्वारा DEO, छिंदवाड़ा एवम डाइट प्रिंसिपल छिंदवाड़ा के आदेश को हाईकोर्ट जबलपुर के समक्ष चुनौती दी गई थी। व्याख्याता, के वकील श्री अमित चतुर्वेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा हुई सुनवाई में हाई कोर्ट को जानकारी दी गई कि शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण अकादमिक राजपत्रित संवर्ग, स्कूल शिक्षा अंतर्गत एक अकादमिक संवर्ग है, एवम व्यय भी राज्य सरकार द्वारा ही वहन किया जाता है। अतः जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा विभागीय पद्दोन्नति समिति के सिफारिश के बाद, श्रीमती मीनू डेविड ,को तीसरी क्रमोन्नति का लाभ दिया गया था।  DEO छिंदवाड़ा द्वारा क्रमोन्नति निरस्त करने का निर्णय एकतरफ़ा नही लिया जा सकता है, जिला शिक्षा अधिकारी क्रमोन्नति आदेश जारी करने हेतु पूर्णतः सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त अन्य पहलुओं पर भी कोर्ट को जानकारी दी गई।

अधिवक्ता अमित चतुर्वेदी, उच्च न्यायालय, जबलपुर के तर्कों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए, हाई कोर्ट जबलपुर ने वित्त विभाग, शिक्षा विभाग, आयुक्त राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल, जिला पेन्शन अधिकारी, छिंदवाड़ा, डाईट प्रिंसिपल, छिंदवाड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा,  इत्यादि को नोटिस जारी करते करते हुए,तीसरी क्रमोन्नति निरस्त करने वाले आदेश दिनाँक 26/11/2020 स्टे कर दिया है। परिणामस्वरूप,  वेतन से वसूली एवम वेतन में कमी पर रोक लग गई है।

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