मप्र कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन | MP CABINET MEETING OFFICIAL REPORT 12 JAN 2021

Updesh Awasthee
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में केन्द्र प्रवर्तित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना(पीएमएफएमई) को वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के लिए राशि 500 करोड़ रूपये के प्रावधान के साथ क्रियान्वित करने की स्वीकृति दी।

इसमें परियोजना स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रस्तावों की अनुशंसा के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। 10 लाख रूपये तक की अनुदान सहायता वाले प्रोजेक्ट के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति रहेगी। अर्न्तविभागीय मंत्री सक्षम समूह 10 लाख रूपये से अधिक की स्वीकृति दे सकेगा।

यह योजना कलस्टर एप्रोच के साथ 'एक जिला एक उत्पाद' पर आधारित है। निजी इकाइयों को 35 प्रतिशत अधिकतम 10 लाख क्रेडिट लिंक अनुदान मिलेगा। एफ.पी.ओ./एस.एच.जी./कॉपरेटिव को पूंजी निवेश, प्रशिक्षण एवं विपणन पर 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक अनुदान (न्यूनतम टर्नओवर 1 करोड़ ) रहेगा। एस.एच.जी. को सीड केपिटल 40 हजार प्रति सदस्य दी जायगी। ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग में सहायता दी जायेगी।

ग्रामीण (सीमान्त, छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक

मंत्रि-परिषद ने  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 304(बी) के परन्तुक के अनुसरण में विधेयक को विधान सभा में पुर: स्थापित करने के पहले राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त एवं विधान सभा से पारित कराने की सभी कार्यवाही के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया ।   

पूर्व में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण विमुक्ति अधिनियम 2020 के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को ऋण ग्रस्तता से राहत के लिए उपबंध किये गये हैं।  मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक ) ऋण विमुक्ति विधेयक 2020 में भी समान प्रकार के उपबंध है जो विधेयक में प्रस्तावित किये गए है।

ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों (राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत मध्यप्रदेश की अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छोड़कर) को, नियमों व प्रक्रिया के विरूद्व तथा अत्यन्त ऊँची ब्याज दरों पर दिये गये ऋण की समस्या का निरंतर सामना करना पड़ रहा है। इसका परिणाम ऐसे व्यक्तियों की वित्तीय हानि, मानसिक प्रताड़ना तथा शोषण के रूप में निकलता है। ऐसे भूमिहीन कृषि श्रमिकों, सीमान्त किसानों तथा छोटे किसानों को 15 अगस्त 2020 तक उन्हें दिए गए कतिपय ऋणों, जिनमें ब्याज की राशि शामिल है, के उन्मोचन द्वारा राहत देने के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण (सीमान्त व छोटे किसान तथा भूमिहीन कृषि श्रमिक) ऋण विमुक्ति विधेयक,2020 प्रस्तावित किया गया है।
✒ राजेश दाहिमा/दुर्गेश रायकवार/अनुराग उईके

भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!