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शासकीय कर्मचारी को साल में कितनी छुट्टी लेना अनिवार्य है, वित्त मंत्री ने बताया - EMPLOYEE NEWS

नई दिल्ली।
इन दिनों कुछ मीडिया संस्थानों ने एक खबर प्रकाशित की है कि भारत में शासकीय कर्मचारियों को 1 साल में कम से कम 20 छुट्टी लेना अनिवार्य है ताकि सरकार को छुट्टी ना लेने पर कर्मचारियों को दिया जाने वाला धन का भुगतान ना करना पड़े। वित्त मंत्री ने इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है।

सरकार ने रिपोर्ट को खारिज कर इसे आधारहीन बताया है। सरकार ने खंडन करते हुए कहा कि ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है, साथ ही ऐसी अटकलों से बचने को कहा है। बता दें अक्टूबर 2020 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 73,000 करोड़ के पैकेज की घोषणा की थी। जिसमें केंद्र सरकार के कर्मचारियों को वेतन का एक हिस्सा अग्रिम भुगतान, एलटीसी के बदले नकद और कोरोना वायरस से क्षतिग्रस्त अर्थव्यवस्था में निवेश का प्रोस्ताहित करना शामिल है। साथ ही 11, 575 करोड़ का भुगतान एलटीसी भत्ते के रूप में किया जाएगा और केंद्र सरकार व पीएसयू कर्मचारियों को इस शर्त पर अग्रिम दिया जाएगा कि वे 31 मार्च से पहले गैर-जरूरी सामान पर खर्च करें।

एक संवाददाता सम्मेलन में वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार अपने कर्मचारियों को इस साल उनके हकदार यात्रा भत्ते के बदले आयकर से छूट वाले नकद वाउचर देगी। इस नकदी को 12 प्रतिशत या उससे अधिक जीएसटी को आकर्षित करने वाले सामान खरीदने पर खर्च करना होगा। वहीं केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्याम और बैंक भी क्यू का पालन करेंगे और एलटीसी के स्थान पर नकद राशि देंगे क्योंकि कोरोना के कारण यात्रा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार त्योहार में अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 10 हजार रुपए का एडवांस लोन भी दे रही है।

इस योजना के तहत कर्मचारी को 31 मार्च 2021 से पहले तीन बार किराया, एक बार अवकाश के नकदीकरण के लिए सामान और सेवाओं को खरीदने की आवश्यकता होगी। सीतारमण ने कहा कि जीएसटी-पंजीकृत डिजिटल माध्यम से होगा। उन्होंने कहा केंद्र सरकार के कर्मचारी इसे चुनते है तो लागत करीब 5,675 करोड़ रुपए होगी। जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों और उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए अनुमानित लागत 1,900 करोड़ होगी। वित्तमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के लिए टैक्स में रियायत दी जाएगी, जो एलटीसी के हकदार है।

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