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विकास जानलेवा हो गया: ROB लोकार्पण के 18 दिन में 12 एक्सीडेंट, एक मौत | BHOPAL NEWS

भोपाल। विकास अब जानलेवा होता जा रहा है। सरकार सिर्फ ठेका देती है, ठेकेदार कंपनी जैसे चाहे वैसा निर्माण कर लेती है। सरकारी इंजीनियरिंग अब कहीं दिखाई नहीं देती। भोपाल शहर में बावड़ियाकलां RBO जिसे विकास का प्रतीक बताया गया था, खतरनाक साबित हो रहा है। लोकार्पण के बाद मात्र 18 दिनों में इस पुल पर 12 एक्सीडेंट हो चुके हैं जिनमें से 1 मौत हो चुकी है और यह क्रम लगातार जारी है।

जो काम इंजीनियर को करना था वह पुलिस कर रही है

किसी भी निर्माण कार्य में निर्माण के दौरान कमियां ढूंढना और उसे ठीक कराना सरकारी इंजीनियर का काम है। उनकी नियुक्ति किसी काम के लिए होती है परंतु इंजीनियर से अपना काम नहीं किया इसलिए आप पुलिस को उनका काम करना पड़ रहा है।बागसेवनिया पुलिस ने एसपी के जरिए कलेक्टर भोपाल को पत्र लिखा है। बताया है कि आरओबी पर डिवाइडर बनाया नहीं गया है और इसके लेफ्ट आर्म को विद्या नगर की सर्विस रोड पर उतारते हुए नेशनल हाइवे पर जोड़ दिया गया है। आने वाले दिनों में ये कमियां किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं। ऐसी ही एक कमी के कारण रविवार रात करीब सवा 11 बजे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार मोहम्मद शारिफ की जान ले ली थी।

बावड़ियाकलां ROB में यह कमियां है, जो पुल को जानलेवा बनाती हैं

विद्या नगर सर्विस रोड होते हुए ब्रिज पर जाने के लिए यदि चार पहिया वाहन राइट आर्म (चढ़ने वाला) पर पहुंचता है तो उसे यूटर्न लेना बेहद मुश्किल है। 
यह हो रहा है : इसके लिए उसे एक बार वाहन रिवर्स लेना होगा, तभी ब्रिज पर जाने के लिए मुड़ सकेगा। 
ब्रिज से उतरने वाले ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए मंडीदीप से आने वाली सड़क के डिवाइडर को तोड़ दिया गया है।
क्या हो रहा है : ब्रिज से उतरने वाले वाहन टूटे हुए डिवाइडर से जैसे ही हाईवे पर आते हैं तो मंडीदीप की ओर से आने वाले ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होती है।
पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स को ब्रिज पर डिवाइडर बनाने की सलाह दी थी।
क्या हो रहा है : डिवाइडर न बनने के कारण ही वाहन चालक लेफ्ट और राइट आर्म से भी आवागमन कर रहे हैं। 

जल्द दूर करेंगे खामियां

डीएसपी ट्रैफिक मनोज शर्मा ने कहा- पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स से ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिज की तकनीकी कमियां साझा की हैं। उन्होंने जल्द ही इन कमियों को सुधरवाने का भरोसा भी दिलाया है।


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